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Tuesday, March 5, 2024

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Board Exams: साल में दो बार होंगे 10वीं-12वीं के बोर्ड एग्जाम, 11वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स पढ़ सकेंगे दो भाषाएं।

10th-12th board exams will be held twice a year.

Board Exams: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने की रूपरेखा लांच कर दी है… ये करीकुलम फ्रेमवर्क करीब 36 साल से चली आ रही भारतीय शिक्षा प्रणाली को पूरी तरह से बदल सकता है… इसे New Education Policy 2020 के तहत केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने तैयार किया है…. करीकुलम फ्रेमवर्क में भारत में क्लास 1 से क्लास 12 तक बच्चे कैसे पढ़ेंगे, क्या सीखेंगे, कैसे सीखेंगे, असेंबली कैसे होंगी , बैग किताबें कैसी होंगी , स्टूडेंट के प्रतिभा का मूल्यांकन कैसे होगा ऐसे कई बड़े बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं… आइये बताते है विस्तार से इसके बारे में……..

असेंबली से लेकर यून‍िफॉर्म तक होंगे चेंजेज
Board Exams:
इस नये करीकुलम फ्रेमवर्क में स्कूली श‍िक्षा में स्टूडेंट्स को कई विषयों की पढ़ाई के अलावा एक साल में दो बार बोर्ड की परीक्षा और 12वीं में सेमेस्टर प्रणाली लागू करना अहम बदलाव में शामिल है…. NCF में क्लासेस में बच्चों के लिए बैठने के इंतजाम, स्कूलों में होने वाली असेंबली, यूनिफॉर्म, भाषा और संस्कृति से जुड़ाव जैसे अन्य विषयों के बदलाव भी शामिल हैं… एक्जांपल के लिए आप क्लास के सिट‍िंग अरेंजमेंट को लें तो NCF में क्लासेस को गोलाकार आकार और अर्ध गोलाकार आकार में बैठाने को कहा गया है… यही नहीं, स्कूलों में होने वाली एसेंबली को टेक्न‍िकल की जगह मीनिंगफुल बनाया जाएगा… यूनिफॉर्म के चेंज की बात करें तो स्कूलों में स्थानीय मौसम के हिसाब से पारंपरिक, आधुनिक या जेंडर न्यूट्रल यूनिफॉर्म का ऑप्शन चुनने का विकल्प शामिल है….

क्या है कक्षा 11वीं और 12वीं का एग्जाम प्लान इसके बारे में जानते हैं
Board Exams:
एनसीएफ के मुताबिक सेकेंडरी स्टेज को चार ग्रेड में बांटा गया है जिसमें स्टूडेंटस को कुल 16 विकल्प आधारित पाठ्यक्रमों को पूरा करना होगा… सेकेंडरी स्टेज को चार ग्रेड में 9वीं, 10 वीं, 11वीं और 12वीं क्लास शामिल है. इस स्टेज में छात्रों को 8-8 ग्रुप में कुल 16-16 पेपर देने होंगे…. 11वीं-12 वीं के हिस्सों को एक साथ रखा गया है…. इसमें स्टूडेंट्स को 8 विषयों में से हर ग्रुप के दो- दो विषय यानि 16 विषय दो साल के दौरान पढ़ने होंगे… जैसे अगर कोई छात्र सोशल साइंस विषय में से इतिहास चुनता है तो उसे इतिहास के चार पेपर पूरे करने होंगे…..

नए करीकुलम फ्रेमवर्क से होंगे ये खास बदलाव इसके बारे में आइये जानते हैं….
Board Exams:
बोर्ड परीक्षाएं साल में अब दो बार होंगे.. और स्टूडेंटस को बेस्ट स्कोर लाने का अवसर मिलेगा क्लास 11, 12 में सब्जेक्टस का चयन केवल स्ट्रीम तक ही सीमित नहीं रहागा… स्टूडेंटस अपने हिसाब से सब्जेक्ट चून सकते हैं…

आइये जानते है कैसा होगा सेमेस्टर सिस्टम…
Board Exams:
दोनों सालो की पढ़ाई और एक्जॉम सेमेस्टर से होंगी … स्टूडेंटस को अपने पसंद के चुने गए सब्जेक्टस को उसी सेमेस्टर में पूरा करना होगा… 16 में से 8 सब्जेक्टस के पेपर पहले साल यानि 11 में और बाकी 8 सब्जेक्टस के पेपर दूसरे सेमेस्टर यानी 12 क्लास 12 में पूरे करने होंगे… सभी 16 पेपर पूरा कर लेने के बाद क्लास 12 का सर्टिफिकेट मिलेगा… और यहीं पैटर्न क्लास 9 और क्लास 10 के एक्जॉम में भी होगा….

कैसा होगा इंडियन स्कूलिंग सिस्टम?
Board Exams:
नर्सरी से कक्षा 2: फाउंडेशन स्टेज 3 से 8 साल के बच्चों के लिए है.
कक्षा 3 से 5वीं: वीं प्रारंभिक चरण तीन साल के लिए है और इसमें ग्रेड 3,4 और 5 शामिल हैं.
कक्षा 6वीं से 8वीं: वीं मिडिल स्टेज तीन साल के लिए है और इसमें ग्रेड 6, 7 और 8 शामिल हैं.
कक्षा 9वीं से 12वीं: वीं सेकेंडरी स्टेज चार साल के लिए है और इसमें ग्रेड 9, 10, 11 और 12 शामिल हैं…

नई शिक्षा नीति में दिया 5+3+3+4 फार्मेट क्या है
Board Exams:
नई शिक्षा नीति में 10+2 के फार्मेट को पूरी तरह खत्म करने की बात कही गई थी… अब इसे 10+2 से बांटकर 5+3+3+4 फार्मेट में ढाला जाएगा… इसका मतलब है कि अब स्कूल के पहले पांच साल में प्री-प्राइमरी स्कूल के तीन साल और क्लास 1 और क्लास 2 के साथ फाउंडेशन स्टेज शामिल होंगे.. फिर अगले तीन साल को क्लास 3 से 5 की तैयारी के चरण में बाटा जाएगा… इसके बाद में तीन साल मध्य चरण यानि क्लास 6 से 8 और माध्यमिक अवस्था के चार वर्ष क्लास 9 से 12 इसके अलावा स्कूलों में Arts, Commerce, Science स्ट्रीम का कोई कठोर पालन नहीं होगा, स्टूडेंटस अब जो भी Syllabus चाहें, वो ले सकते है…

Board Exams: दिल्ली यूनिवर्सिटी में फैकल्टी ऑफ एजुकेशन में पूर्व डीन प्रोफेसर अनीता रामपाल ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि इससे पहले करिकुलम फ्रेमवर्क ऐसे नहीं आता था. ये एक तरह से निर्देश देने वाला नज़र आ रहा है जबकि ये सिलेबस बनाने वाले विशेषज्ञों या शिक्षकों के लिए मार्गदर्शक होना चाहिए था.,…


Board Exams: असेंबली कितने समय के लिए होगी, यूनिफॉर्म क्या होगी या किसी सब्जेक्टस का सिलेबस क्या होगा ये सब राज्यों पर छोड़ा जाना चाहिए क्योंकि एक संघीय ढांचे में राज्य अपनी समझ और संदर्भ से अपने करिकुलम पर विचार-विमर्श करते हैं, बनाते हैं, बदलाव करते हैं साथ ही कई संस्थाएं भी करिकुलम बनाने का काम करती हैं…

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