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12 Houses of Kundli: क्या बताते कुंडली के 12 भाव हैं? जानें जन्मकुंडली के 12 घर और उनके ग्रह।

12 Houses of Kundli.

उपमा सिंह

12 Houses of Kundli: जन्मकुंडली…वो कुंडली जिसे देखकर किसी भी व्यक्ति के जीवन से जुड़ी बातों का पता लगाया जा सकता है। वैदिक ज्योतिष के मुताबिक व्यक्ति की कुंडली में मौजूद भाव, नक्षत्र और ग्रह देखकर उसके भूतकाल से लेकर भविष्य तक के बारे में पता लगाया जा सकता है। व्यक्ति की जन्मकुंडली उसके जीवन के संपूर्ण क्षेत्रों की व्याख्या करती है।

12 Houses of Kundli: जन्म कुंडली को 12 भावों में बांटा गया है, जिन्हें घर भी कहते हैं। इन 12 भावों के जरिए व्यक्ति के स्वास्थ्य, धन, पराक्रम, भाग्य, कर्म, आय, व्यय, सुख, संतान, शत्रु, मृत्यु की जानकारी मिलती है।

12 Houses of Kundli: कुंडली के 12 भाव

12 Houses of Kundli
12 Houses of Kundli: क्या बताते कुंडली के 12 भाव हैं? जानें जन्मकुंडली के 12 घर और उनके ग्रह। 2

1.  प्रथम भाव – पहले या प्रथम भाव का स्वामी मंगल हैं और कारक सूर्य ग्रह है। इस भाव या घर के जरिए व्यक्ति के स्वभाव के बारे में, उसके वयक्तिव के बारे में पता लगाया जा सकता है।  

2. द्वितीय भाव – दूसरे घर का स्वामी ग्रह शुक्र को माना गया है। वहीं, इसका कारक ग्रह गुरु है। द्वितिय भाव को व्यक्ति के धन और परिवार का भाव माना जाता है। इसके जरिए नेत्र, मुख, वाणी, के बारे में पता किया जा सकता है।

3. तृतीय भाव – तीसरे घर का स्वामी बुध ग्रह है और इसका कारक ग्रह मंगल है। यह भाई-बहन एवं पराक्रम का भाव होता है। इस भाव के जरिए मानसिक संतुलन के बारे में भी जाना जा सकता है।

4. चतुर्थ भाव – चौथे भाव या चौथे घर का स्वामी चंद्र ग्रह को माना गया है। वहीं, इसका कारक चंद्र और बुध दोनों हैं। यह घर माता और आनंद का माना जाता है। इससे सुख, वाहन, प्रापर्टी, घर के बारे में जाना जाता है।

5. पंचम भाव – पांचवें घर का स्वामी ग्रह सूर्य है और कारक ग्रह गुरु है। कुंडली का पांचवा भाग वयक्ति की संतान एवं ज्ञान का भाव होता है।

6. षष्ठम भाव – जन्मकुंडली के छठे घर का स्वामी ग्रह बुध और कारक ग्रह केतु है। इस भाव से शत्रु, रोग और ऋण के बारे में जानकारी मिलती है।

7. सप्तम भाव – कुंडली के सातवें घर का स्वामी शुक्र है और कारक शुक्र और बुध हैं। ये भाव विवाह आदि से संबंधित होता है। इससे जीवनसाथी, पार्टनर आदि जैसी बातों का पता लगता है।

8. अष्टम भाव – कुंडली में आठवें घर का स्वामी ग्रह मंगल और कारक शनि, मंगल और चंद्र माने गए हैं। कुंडली का आठवां भाव व्यक्ति की आयु का भाव माना जाता है।

9. नवम भाव – नौवें घर का स्वामी और कारक दोनों ही गुरु ग्रह है। नौवां घर व्यक्ति के भाग्य, पिता और धर्म आदि को दर्शाता है।

10. दशम भाव – कुंडली के दसवें घर का स्वामी ग्रह और कारक दोनों ही शनि है। कुंडली का दशम भाव करियर, व्यवसाय, कामकाज से जुड़ा होता है।

11. एकादश भाव – वहीं कुंडली के ग्यारहवें भाव का स्वामी शनि है और कारक गुरु है। ये घर जातक को आय और लाभ को दर्शाता है।

12. द्वादश भाव – जन्मकुंडली के बारहवें घर का स्वामी गुरु होता है और तो कारक राहु होता है। कुंडली का ये भाव व्यय और हानि को बताता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. Khabron Ka Adda इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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