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Friday, March 1, 2024

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Aap: केंद्र की भाजपा सरकार ने क़ानून बनाकर दिल्ली की जनता के अधिकार छीन लिए- अरविंद केजरीवाल।

Aap: Delhi Services Act brought by the Central Government.

Aap: दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में शुक्रवार को केंद्र सरकार द्वारा लाए गए दिल्ली सर्विसेज कानून पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने क़ानून बनाकर दिल्ली की जनता के अधिकार छीन लिए, लेकिन मैं दिल्ली के लोगों को आश्वासन देता हूं कि आपके अधिकार वापस दिलाकर रहूंगा। हम किसी भी हालत में दिल्ली के काम रुकने नहीं देंगे। सीएम ने कहा कि दिल्ली की जनता ने मोदी रथ को रोक दिया। इसलिए उन्होंने आम आदमी पार्टी को खत्म करने को सोचा। मोदी जी सीबीआई- ईडी-कैश तीन घोड़े वाला रथ लेकर निकले हैं। इनकी मदद से इन्होंने महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गोवा, मणिपुर और कर्नाटक समेत कई राज्यों की सरकार गिराई। मोदी जी का घोड़ा दिल्ली भी पहुंचा, लेकिन हमारा एक भी विधायक नहीं बिका। उन्होंने कहा कि अगले लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सातों सीटें भाजपा हार रही है और ये चुनाव दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने के मुद्दे पर होगा।

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Aap: केंद्र की भाजपा सरकार ने क़ानून बनाकर दिल्ली की जनता के अधिकार छीन लिए- अरविंद केजरीवाल। 2

मोदी लहर के बीच आम आदमी पार्टी दिल्ली का चुनाव जीत गई और देश भर में चर्चा होने लगी- अरविंद केजरीवाल

Aap: दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा दिल्ली अध्यादेश बिल लाने के पीछे की कई बड़ी वजहें गिनाई। सदन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ऐसे बिल को संसद में पारित किया, जिसने दिल्ली के लोगों के जनतंत्र के अधिकार को कुचल दिया है। इस अध्यादेश को लाने का कारण समझने के लिए आम आदमी पार्टी का इतिहास समझना होगा। सीएम ने कहा कि साल 2014 में लोकसभा चुनाव होना था। उससे एक साल पहले यानी साल 2013 में कांग्रेस पार्टी को लेकर जनता निगेटिव हो गई थी। देश भर में ऐसा लग रहा था, जैसे मोदी लहर चल रही है। तभी अचानक 4 दिसंबर 2013 को दिल्ली विधानसभा का चुनाव हुए और 8 दिसंबर को इसके नतीजे आए। इस चुनाव के नतीजे में कुछ ऐसा अद्भुत हुआ कि एक ऐसी पार्टी, जिसके पास न तो 4 आदमी थे, न 4 रुपये थे, कोई चुनाव लड़ने वाला भी नही था। चुनाव के 48 घंटे पहले मीडिया वालों ने एक स्टिंग जारी किया था, लेकिन फिर भी इस नई पार्टी की चुनाव में 28 सीट आ गई और सरकार बन गई। 28 दिसंबर को नई सरकार ने शपथ ली और सरकार ने बेहतर काम करना शुरू कर दिया। जिस वक्त पूरे देश में मोदी की लहर थी, उस दौरान अचानक आम आदमी पार्टी चुनाव जीत गई और देश भर में “आप” की चर्चा होने लगी। लोगों को लग रहा था कि अचानक ये आम आदमी पार्टी कहां से बीच में आ गई।

आम आदमी पार्टी की 49 दिनों की सरकार को लोग आज भी याद करते हैं- अरविंद केजरीवाल

Aap: सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उस वक्त मोदी जी प्रधानमंत्री बनने जा रहे थे, लेकिन तभी एक छोटे से राज्य दिल्ली के अंदर एक नई पार्टी आई और उसने हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि, हमारी सरकार सिर्फ 49 दिनों तक ही चली, लेकिन उस 49 दिन को लोग आज भी याद करते हैं। 49 दिनों में ही दिल्ली के अंदर भ्रष्टाचार पूरी तरह से खत्म हो गया था। पंजाब से दिल्ली जो ट्रक वाले आते हैं। वे बताते हैं कि चौराहों पर पुलिस वालों ने पैसे लेने बंद कर दिए। किसी भी डिपार्टमेंट के ऑफिसर ने रिश्वत लेना बंद कर दिया था। हमने लोगों से कहा था कि अगर कोई पैसे मांगे तो उसे मना मत करना, बल्कि उसे रिश्वत देकर उसकी रिकॉर्डिंग कर मुझे भेज देना, हम उसे जेल भेज देंगे। हमने सिर्फ 49 दिनों में 32 अफसरों को जेल भेजा था। इससे दिल्ली में भ्रष्टाचार खत्म हो गया। लोगों ने आज तक ऐसी सरकार नहीं देखी थी। देशभर में “आप” की चर्चा होने लगी थी। इस दौरान महिला सुरक्षा को लेकर 2-3 केस आए थे। इसके बाद हम दिल्ली की सड़कों पर 2-3 दिन तक धरना दिए। रात में भी सड़क पर ही सोते थे। दिल्ली में बिजली के रेट आधे हो गए, पानी मुफ्त हो गया। उस वक्त देश के सबसे बड़े आदमी के खिलाफ हमने नाम के साथ एफआईआर किया। उस आदमी का नाम लेने से सभी पार्टियां कांपती है, लेकिन हमने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। 49 दिनों के बाद जब हमने इस्तीफा दे दिया, तब बीजेपी वालों ने चैन की सांस ली थी।

“आप” को खत्म करने के लिए मोदी जी का पूर तंत्र लग गया, फिर भी महज नौ साल में देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई- अरविंद केजरीवाल

Aap: सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इसके बाद अप्रैल के महीने में लोकसभा चुनाव हुआ, तो मोदी जी पूरे बहुमत से जीत गए। फिर हर तरफ चलने लगा कि मोदी युग आ गया। उस वक्त बीजेपी वालों को पूरी उम्मीद थी कि “आप” खत्म हो गई। इस कड़ी में अमित शाह से पूछा गया था कि क्या आप अरविंद केजरीवाल के साथ डिबेट करेंगे, तो उन्होंने कहा था कि चुनाव के रिजल्ट के बाद यानी 16 मई के बाद अगर केजरीवाल राजनीति में कायम रहेंगे, तो मैं जरूर उनसे डिबेट करूंगा। उन्हें लगा था कि अब “आप” भी खत्म और केजरीवाल भी खत्म हो गए। देश भर में मोदी लहर चल रही थी, महाराष्ट्र में चुनाव हुए मोदी जी जीत गए, फिर हरियाणा में मोदी जी जीत गए, झारखंड में भी जीत गए। इसके बाद फरवरी 2015 में दिल्ली में चुनाव हुए। दिल्ली में 70 में से 67 सीट पर आम आदमी पार्टी की जीत हुई और बीजेपी सिर्फ 3 सीट पर सिमट गई। उस वक्त मोदी जी के दिल पर क्या गुजरी होगी, जो घोड़े पर बैठ कर निकले थे। उनका घोड़ा जहां जा रहा है, वहां जीतता जा रहा है, जिस रास्ते से जा रहा है, वहां जीतता जा रहा है। लेकिन मोदी रथ दिल्ली वालों ने रोक दिया। उस दिन मोदी जी ने कसम खाई थी कि इस आम आदमी पार्टी को मैं खत्म कर दूंगा और इनकी सरकार को भी खत्म कर दूंगा। लेकिन भगवान ने तो कुछ और ही सोच रखी थी। “आप” को खत्म करने के लिए मोदी जी का पूर तंत्र लग गया, लेकिन ऊपर वाले ने सिर्फ 9 साल के अंदर इस पार्टी को देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बना दी।

अफसरों को अपने हथियार के रूप में इस्तेमाल कर दिल्ली के लोगों को कुचलने के लिए मोदी जी ने हमसे सर्विसेज छीनी – अरविंद केजरीवाल

Aap: सीएम अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि दूसरी बार हमारी सरकार 14 फरवरी 2015 को बनी। इसके 3 महीने बाद यानी 23 मई को प्रधानमंत्री ने एक आदेश पारित किया कि अब दिल्ली सरकार का एंटी करप्शन ब्रांच और सर्विसेज के ऊपर कोई अधिकार नहीं रहेगा। केंद्र सरकार ये कैसे कर सकती है, संविधान में लिखा है कि इस पर दिल्ली सरकार का अधिकार है। कल को मोदी सरकार कह देंगे कि ओडिसा सरकार का बिजली पर कोई अधिकार नहीं रहेगा तो, ऐसा कैसे हो सकता है क्योंकि बिजली राज्य सरकार के अधीन है। वो कहेंगे कि महाराष्ट्र सरकार का शिक्षा पर कोई अधिकार नहीं रहेगा, जबकि ये तो राज्य सरकार का अधिकार है। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने बिल्कुल असवैंधानिक ऑर्डर पास किया है कि दिल्ली की चुनी हुई सरकार का एंटी करप्शन ब्रांच और सर्विसेज पर कोई अधिकार नहीं रहेगा। एंटी करप्शन ब्रांच इसलिए हमसे छीना गया, क्योंकि 49 दिन की सरकार के दौरान हमने एंटी करप्शन ब्रांच का इस्तेमाल करके भ्रष्टाचार को रोका था। मोदी जी नहीं चाहते थे कि हम भ्रष्टाचार को रोंके। मोदी जी ने सर्विसेज के अधिकार को इसलिए हमसे छीना, क्योंकि वे अफसरों को अपने हथियार के रूप में इस्तेमाल कर दिल्ली के लोगों को कुचलना और मारना चाहते थे।

पिछले साल बीजेपी वालों ने लोगों के लिए मोहल्ला क्लिनिक की दवाइयां बंद करा दी थी – अरविंद केजरीवाल

Aap: सीएम अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि पिछले साल बीजेपी वालों ने मोहल्ला क्लिनिक की दवाइयां लोगों के लिए बंद करा दी। ये अफसरों को धमकियां देते हैं, उनका ट्रांसफर करा देते हैं, किसी को सस्पेंड कर देते हैं, सभी को बुरी तरह से डरा रखे हैं। जो अफसर अच्छा काम करते हैं, उन्हें यहां से उठा कर कही और फेक देते हैं। जो अफसर बिल्कुल निकम्मे हैं, घटिया काम करते हैं, उन्हें अच्छे-अच्छे पोस्ट पर बैठाकर रखे हैं। इन लोगों ने मोहल्ला क्लीनिक की दवाइयां रोक दी, लैब के अंदर जो टेस्ट होते हैं, वो टेस्ट रोक दिए हैं। अस्पतालों से कई लोगों को नौकरी से निकाल दिया, ताकि अस्पताल ठप हो जाएं। हम टीचर्स को ट्रेनिंग के लिए भेजते थे, लेकिन उन्होंने ये भी रोक दिया है। दिल्ली जल बोर्ड की पेमेंट रोक दी है। इन लोगों ने ओल्ड एज पेंशन रोक दी है। मैं जब लोगों को बताता हूं कि बीजेपी वालों ने ये किया है, तो लोग कहते हैं कि नहीं ऐसा तो नहीं कर सकते हैं। मैं कहता हूं कि जो पार्टी चुनाव जीतने के लिए दंगे करा सकती है, लाखों लोगों को मार सकती है, कत्लेआम कर सकती है, उसके लिए दवाइयां रोकना तो बाएं हाथ का खेल हैं। ऊपर वाले के यहां देर है, अंधेर नहीं है।

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