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Saturday, March 2, 2024

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Aarvind Kejriwal: भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिन, राज्यसभा से पारित बिल दिल्ली के लोगों को गुलाम बनाने वाला है।

Aarvind Kejriwal: Arvind Kejriwal said that today was a black day for Indian democracy.

Aarvind Kejriwal: दिल्ली अध्यादेश बिल को राज्यसभा में पास होने पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोला। उन्होंने ने कहा कि आज का दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिन रहा। मोदी सरकार ने राज्यसभा में दिल्ली के लोगों को गुलाम बनाने वाला बिल पास कर दिया। यह कानून अंग्रेजों द्वारा 1935 में लाए गए गवर्नमेंट ऑफ इंडिया कानून जैसा है। दिल्ली के लोग अपनी पसंद की सरकार तो चुनेंगे, लेकिन उस सरकार को काम करने की कोई शक्ति नहीं होगी। एक तरह से प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट जो मर्जी आदेश पास करे, अगर मुझे पसंद नहीं आया तो कानून बना कर उसको पलट दूंगा। ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब इन लोगों को लगा कि आम आदमी पार्टी को हराना मुश्किल है, तब इन्होंने चोर दरवाजे से अध्यादेश लाकर दिल्ली की सत्ता हथियाने की कोशिश की है। दिल्लीवालों ने 2015 और 2020 में हमारी सरकार बनाई, क्योंकि मैं दिल्ली का बेटा हूं और मोदी जी दिल्ली के नेता बनना चाहते हैं। दिल्लीवालों को अपना बेटा पसंद है, मोदी जी जैसे नेता नहीं चाहिए।

दिल्ली अध्यादेश बिल संसद में पास होने के बाद दिल्ली के लोगों के वोट की अब कोई कीमत नहीं रही- अरविंद केजरीवाल

Aarvind Kejriwal: सीएम अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि आज का दिन भारत के इतिहास में एक तरह से भारतीय जनतंत्र के लिए काला दिन साबित हुआ। आज संसद के अंदर दिल्ली के लोगों को गुलाम बनाने वाला बिल पास कर दिया गया। यह बिल दिल्ली के लोगों को बेबस, असहाय, लाचार और गुलाम बनाता है। भारत की आजादी से पहले 1935 में अंग्रेजों ने एक कानून बनाया था। उस कानून का नाम गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट था। उस कानून में अंग्रेजों ने ये लिखा था कि भारत में चुनाव तो होंगे, लेकिन जो सरकार चुनी जाएगी, उसको कोई काम करने की पावर नहीं होगी, काम करने की शक्तियां नहीं होंगी। जब हमारा देश आजाद हुआ तो हमने संविधान बनाया और संविधान में हमने लिखा कि चुनाव होंगे, लोग अपनी सरकार चुनेंगे और जो सरकार चुनेंगे, उस सरकार को लोगों के लिए काम करने की सारी शक्तियां होंगी। आज आजादी के 75 साल के बाद प्रधानमंत्री मोदी जी ने दिल्ली के लोगों की आजादी छीन ली। पीएम ने 1935 वाला अंग्रेजों का कानून बनाया है कि दिल्ली में चुनाव तो होंगे, दिल्ली के लोग अपनी सरकार तो चुनेंगे, लेकिन उस सरकार को काम करने की कोई भी शक्ति नहीं होगी। ये कानून आज हमारे देश की संसद ने पास किया है। दिल्ली के लोगों की वोट की अब कोई कीमत नहीं बची है। सरकार बनाइए, लेकिन सरकार की कोई शक्ति नहीं है।

जिस देश के प्रधानमंत्री सर्वाेच्च अदालत को नहीं मानते, उस देश का क्या भविष्य हो सकता है?- अरविंद केजरीवाल

Aarvind Kejriwal: सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 11 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि भारत एक जनतंत्र है। इस जनतंत्र में जनता अपनी सरकार चुनती है और उस सरकार को जनता के लिए काम करने की पूरी ताकत होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का जैसे ही आदेश आया, उसके एक हफ्ते के बाद ही प्रधानमंत्री जी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलट दिया और उसके खिलाफ़ एक अध्यादेश लेकर आए। सोमवार को हमारे देश की संसद ने उस अध्यादेश को इस देश का कानून बना दिया कि अब दिल्ली के लोगों की चुनी हुई सरकार को काम करने की कोई ताकत नहीं होगी। अब इस कानून में लिखा है कि दिल्ली के लोग जो मर्जी सरकार बनाएं, लेकिन उस सरकार को सीधे-सीधे एलजी और मोदी जी चलाएंगे। इससे साफ ज़ाहिर है कि प्रधानमंत्री मोदी जी कह रहे हैं कि मैं सुप्रीम कोर्ट को भी नहीं मानता। जिस देश के प्रधानमंत्री उस देश की सर्वाेच्च अदालत को नहीं मानता, उस देश का क्या भविष्य हो सकता है? सीधे सीधे वो कह रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट जो मर्जी आदेश पास करे, अगर मुझे सुप्रीम कोर्ट का आदेश पसंद नहीं आया तो मैं उसके खिलाफ कानून बना कर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलट दूंगा। इन लोगों को इतना अहंकार हो गया।

दिल्ली के लोगों ने भाजपा को 25 साल से वनवास दिया हुआ है- अरविंद केजरीवाल

Aarvind Kejriwal: सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब इन लोगों ने देखा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी को हराना बहुत मुश्किल है। ये लोग पिछले चार चुनाव हो चुके हैं। दिल्ली में 2013, 2015 और 2020 में विधानसभा चुनाव हारने के बाद एमसीडी का चुनाव भी भाजपा आम आदमी पार्टी से हार गई। पिछले 25 साल से दिल्ली के अंदर भाजपा की सरकार नहीं बनी है। 25 साल से इनको दिल्ली के लोगों ने वनवास दिया हुआ है। जब इनको लगा कि आम आदमी पार्टी को हराना मुश्किल है तो इन्होंने चोर दरवाजे से दिल्ली की सत्ता को हथियाने की कोशिश की है। दिल्ली के लोगों ने एक बार आम आदमी पार्टी को 70 में से 67 सीटें दी और मात्र तीन सीट भाजपा को दी। दूसरी बार 70 में से 62 सीट दी और मात्र 8 सीट भाजपा को दी। एक तरह से दिल्ली की जनता ने चिल्ला-चिल्ला के भाजपा को कहा है कि दिल्ली के अंदर दखलंदाजी मत करना। दिल्ली की जनता ने भाजपा को लोकसभा की सातों सीट दी। दिल्ली के लोगों ने प्रधानमंत्री जी को साफ-साफ शब्दों में कहा कि दिल्ली के काम में दखलंदाजी मत करिए, आप देश संभालो। लेकिन मोदी जी कहते हैं कि मैं जनता की बात नहीं मानता। उनको इतना अहंकार हो गया। वो न जनता की बात मानते और न सुप्रीम कोर्ट की बात मानते।

क्या दिल्लीवालों ने मोदी जी को देश का प्रधानमंत्री इसलिए बनाया था कि वो दिल्ली के चपरासियों की ट्रांसफर पॉलिसी बनाएंगे?- अरविंद केजरीवाल

Aarvind Kejriwal: सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली अध्यादेश बिल के प्रावधानों का जिक्र करते हुए कहा कि संसद में जो कानून पास किया गया है, उसमें लिखा है कि दिल्ली सरकार में ए, बी, सी और डी कैटगरी में जितने भी कर्मचारी हैं, उन सबके के बारे में पूरी पॉलिसी केंद्र सरकार बनाएगी कि किस अधिकारी का ट्रांसफर किया जाएगा और कौन कर्मचारी क्या काम करेगा? वहीं, देश के प्रधानमंत्री बैठ कर यह देखेंगे कि दिल्ली सरकार का कौन सा चपरासी क्या काम करेगा, कौन सा चपरासी फाइल उठाएगा, कौन सा चपरासी चाय पिलाएगा? प्रधानमंत्री अब ये काम करेंगे। क्या इसके लिए देश का प्रधानमंत्री बनाया था कि आप बैठकर दिल्ली के चपरासियों की ट्रांसफर पॉलिसी बनाएंगे। आपको तो केंद्र चलाना चाहिए। प्रधानमंत्री दिल्ली में क्यों दखलंदाजी कर रहे हैं?

भाजपा वाले केजरीवाल के काम में कॉम्पिटिशन नहीं कर सकते, इसलिए ये हमें रोक रहे हैं- अरविंद केजरीवाल

Aarvind Kejriwal: सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री दिल्ली में ऐसा इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि पिछले 7-8 साल में बिना किसी पावर के भी हम लोगों ने बहुत शानदार काम किए हैं। दिल्ली में हमने इतने शानदार स्कूल-अस्पताल बनाए, 24 घंटे बिजली कर दी, बिजली फ्री कर दी, घर-घर पानी पहुंचा रहे हैं, सड़कें बनाई। हम लोगों ने इतने सारे काम कर दिए, लेकिन इन लोगों से ये काम नहीं हो रहे हैं। 30 साल से गुजरात में इनकी सरकार हैं। इन्होंने गुजरात का बेड़ा गर्क कर दिया है। हरियाणा में इनकी सरकार बनी तो उसका भी बेड़ा गर्क कर दिया। मणिपुर में भी भाजपा की सरकार है। इन लोगों ने मणिपुर को जला दिया। इसलिए ये लोग केजरीवाल के साथ काम में कॉम्पिटिशन नहीं कर सकते। ये लोग आम आदमी पार्टी के जैसे काम नहीं कर सकते, इसीलिए केजरीवाल को काम करने से रोक रहे हैं। किसी भी तरह से केजरीवाल को काम करने से रोको, बस यही इनका मकसद है।

केंद्रीय गृहमंत्री कहते हैं कि केजरीवाल झगड़ता बहुत है, काम के लिए मेरा झगड़ना दिल्लीवालों को पसंद है, इसलिए हमें चार बार जिताया- अरविंद केजरीवाल

Aarvind Kejriwal: सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को संसद में भाषण देते सुन रहा था। वो संसद में कहते हैं कि ये लोग झगड़ते बहुत हैं। मैं बच्चों के लिए स्कूल बनाता हूं तो ये लोग मुझे स्कूल नहीं बनाने देते। फिर मैं जब इनसे कहता हूं कि मुझे स्कूल बनाने दो तो ये कहते हैं कि केजरीवाल झगड़ता बहुत है। मैं मोहल्ला क्लीनिक बनाता हूं तो इन लोगों ने मेरे मोहल्ला क्लीनिक तुड़वा दिए। मैं कहता हूं कि मुझे मोहल्ला क्लीनिक बनाने दो तो ये कहते हैं कि केजरीवाल झगड़ता बहुत है। मैं अस्पताल में दवाइयाँ फ्री करता हूं तो कहते हैं कि दवाइयां फ्री क्यों करता हूं? मैं बिजली फ्री करता हूं तो कहते हैं कि केजरीवाल तो फ्री की रेवड़ियां दे रहा है। मैं जो भी करता हूं, चाहे झगड़ता हूं, दिल्ली के लोगों को पसंद हूं। इसलिए चार-चार बार दिल्ली के लोगों ने मुझे चुना है। मैं जो भी कर रहा हूं, ठीक ही कर रहा होगा, तभी तो दिल्ली के लोगों ने चार-चार बार मुझे वोट दिया है।

केजरीवाल से नफ़रत करते-करते ये इतने अंधे हो गए हैं कि अब दिल्लीवालों पर अत्याचार करना चालू कर दिया है- अरविंद केजरीवाल

Aarvind Kejriwal: सीएम अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृहमंत्री के संसद में दिए बयान पर कहा कि गृहमंत्री अमित शाह कहते हैं कि हमारे पास पावर है। संविधान ने हमें क़ानून बनाने की पावर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने हमें ये क़ानून बनाने की पावर दी है। संविधान ने आपको जनता की सेवा करने की पावर दी है, आपको जनता के उपर अत्याचार करने की पावर नहीं दी है। अमित शाह जी इतना घमंड मत कीजिए। आपको पावर दी गई है, ताकि आप देश का विकास करें। आपको पावर दी गई है कि आप देश के लोगों को शक्तिशाली बनाएं। आपको पावर इसलिए नहीं दी कि आप देश के लोगों को लाचार बना दें, उनके वोट का अधिकार छीन लें। केंद्रीय गृहमंत्री जो बार-बार पावर का राग अलाप रहे हैं, यह पावर जनता की सेवा करने के लिए दी गई है। मैंने पिछले चुनाव में अमित शाह जी को देखा कि वो दिल्ली में घर-घर जाकर पर्चे बांट रहे थे। एक-एक घर में जाकर पर्चे बांट रहे थे। फिर भी दिल्ली के लोगों ने भाजपा को नकार दिया तो अब आप दिल्ली के लोगों को तमाचा मारने आ गए। केजरीवाल से नफ़रत करते-करते इतने अंधे हो गए कि आपने दिल्ली के लोगों पर अत्याचार करना चालू कर दिया।

भाजपा दिल्लीवालों से नफरत करती है, इस बार दिल्ली की जनता लोकसभा में एक भी सीट नहीं देगी- अरविंद केजरीवाल

Aarvind Kejriwal: सीएम अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को याद दिलाते हुए कहा कि 2014 के चुनाव में पीएम मोदी ख़ुद दिल्ली आए थे। उनको अपना भाषण देखना चाहिए। मोदी जी ने दिल्ली की जनता से वादा किया था कि मुझे प्रधानमंत्री बना दो, मैं अब दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाउंगा। हर चुनाव से पहले भाजपा ने दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने के लिए आंदोलन किए हैं और आज प्रधानमंत्री ने दिल्ली के लोगों की पीठ में छुरा घोंप दिया और अपने वादे से मुकर गए। अगर प्रधानमंत्री ऐसे करेंगे तो उन पर कौन यक़ीन करेगा? 2014 में प्रधानमंत्री ने ख़ुद बोला था कि मैं दिल्ली को फ़ुल स्टेटहुड बनाऊंगा तो अब जनता आपके उपर कैसे यक़ीन करेगी? 2015 में जैसे ही हमारी सरकार बनी, आपने एक नोटिफिकेशन जारी कर हमारी शक्तियां छीन ली। फिर भी हमने काम किया और फिर 2020 में दिल्ली की जनता ने हमें फिर से वोट दिया और 62 सीट देकर आम आदमी पार्टी की सरकार बनाई। क्योंकि मैं दिल्ली का बेटा हूं और पीएम मोदी दिल्ली के नेता बनना चाहते हैं। दिल्ली के लोगों को अपना बेटा पसंद है, दिल्ली के लोगों को मोदी जी जैसे नेता नहीं चाहिए। हम दिल्लीवाले दिल्ली से बहुत प्यार करते हैं और हम जानते हैं कि भाजपा दिल्ली के लोगों से नफ़रत करती है। इस बार दिल्ली के लोग लोकसभा में एक भी सीट नहीं देंगे। इस पूरे संघर्ष में बहुत सारी पार्टियों, बहुत सारे नेताओं ने दिल्ली के लोगों का साथ दिया। उन सब नेताओं को और पार्टियों को मैं तहे दिल से दिल्ली के दो करोड़ लोगों की तरफ से शुक्रिया अदा करता हूं।

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