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Friday, March 1, 2024

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Chattisgarh: अतिरिक्त आय का साधन बना कोसा, समाज की मुख्यधारा से जुड़े अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग

Chattisgarh: On the initiative of Chhattisgarh Chief Minister Bhupesh Baghel, sericulture has got the status of agriculture.

Chattisgarh: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर रेशम पालन को कृषि का दर्जा मिला है. जिसके बाद से रेशम पालन को बढ़ावा मिला है. वनांचल के सभी जिलों में नैसर्गिक कोसा उत्पादन के संग्रहण के माध्यम से अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग आर्थिक लाभ ले रहे हैं. इस दिशा में ग्रामोद्योग संचालनालय द्वारा प्राकृतिक वन क्षेत्रों में नैसर्गिक बीज का प्रगुणन कर उसे सघन वन क्षेत्रों में फैलाया जाता है, जिससे वनवासी हितग्राहियों द्वारा नैसर्गिक कोसा संग्रहण कर आय का एक अतिरिक्त साधन प्राप्त कर सकें.

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Chattisgarh: अतिरिक्त आय का साधन बना कोसा, समाज की मुख्यधारा से जुड़े अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग 2

Chattisgarh: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व और ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रुद्रकुमार के निर्देशन में विगत पौने पांच साल में रेशम प्रभाग ने दो लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार दिया है. रेशम प्रभाग में संचालित नैसर्गिक टसर बीज प्रगुणन और संग्रहण कार्यक्रम अंतर्गत 2 लाख 5 हजार 565 लोगों को नियमित रोजगार मिला है. इस योजना अंतर्गत 6386.56 लाख नग नैसर्गिक टसर ककून का उत्पादन किया गया है. जिससे एक लाख 9 हजार 856 अनुसूचित जनजाति और 19 हजार 196 अनुसूचित जाति के लोगों को रोजगार मिला है.

स्वरोजगार से जुड़ रहे लोग

Chattisgarh: राज्य के दंतेवाड़ा, जगदलपुर (बस्तर), उत्तर बस्तर के तहत कोण्डागांव, नारायणपुर, कांकेर और धमतरी, रायपुर, राजनांदगांव, कबीरधाम, दुर्ग, कोरबा, जशपुर, कोरिया जिला वनों से आच्छादित क्षेत्र है. इन सभी जिलों में मूलतः अनुसूचित जाति, जनजाति के परिवार निवास करते है जो कि समाज की मुख्य धारा से जुड़े गए हैं. अब इन्हें शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं के जरिए स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है.

नैसर्गिक रूप से हो रहा उत्पादन

Chattisgarh: क्षेत्र में निवासरत परिवार मूलतः वनों पर आधारित उपज का विपणन कर अपना जीवन यापन करते हैं. उक्त सभी जिलों के वन खण्डों में प्राकृतिक रूप से साल, साजा, सेन्हा, धौरा, बेर के वृक्ष प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं. इन वृक्षों में टसर कोसा की रैली, लरिया और बरफ प्रजाति के कोसाफल नैसर्गिक रूप से उत्पादित होते हैं.

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