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State Awards: सीएम केजरीवाल ने अलग-अलग क्षेत्रों में दिव्यांगों को स्टेट अवार्ड से किया सम्मानित।

CM Kejriwal honored disabled people in different fields with state awards.

  • सीएम केजरीवाल ने समाज कल्याण विभाग की पत्रिका का विमोचन करने के साथ धरोहर मोबाइल एप भी किया लांच
  • इन्होंने अपनी दिव्यांगता को ताकत में बदल शारीरिक रूप से सक्षम लोगों को भी पीछे छोड़ दिया, इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए- अरविंद केजरीवाल
  • इन्होंने अपनी जिंदगी में कुछ न कुछ विशेष उपलब्धि हासिल की है और आगे भी कुछ करने की भूख है- अरविंद केजरीवाल
  • इनकी उपलब्धियां ये बताती हैं कि भगवान ने हर किसी को कोई न कोई मकसद से पृथ्वी पर भेजा है- अरविंद केजरीवाल
  • समाज कल्याण विभाग दिव्यांगजनों की कहानियां अखबारों में प्रकाशित कराए ताकि लोग इनसे प्रेरणा ले सकें- अरविंद केजरीवाल
  • इन्होंने ये साबित किया कि जो जैसा है, उसे स्वीकार करें और रोने के बजाय देश के लिए कुछ करके दिखाएं- अरविंद केजरीवाल
  • दिल्ली सरकार में पैसे की कमी नहीं, अगर हमें दिव्यांगों के लिए योजनाएं बनानी पड़ी तो जरूर बनाएंगे- अरविंद केजरीवाल
  • जिस दिन हम अपने सिस्टम को दिव्यांगजनों के अनुसार विकसित कर लेंगे, उस दिन उनकी दिव्यांगता खत्म हो जाएगी- राजकुमार आनंद
  • दिव्यांगजन अपने यूडीआईडी कार्ड को दिखाकर दिल्ली सरकार की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे- राजकुमार आनंद

सीएम अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को दिव्यांगता के बावजूद विभिन्न क्षेत्रों में काम करके शानदार उपलब्धि हासिल करने वाले दिव्यांगजनों को स्टेट अवार्ड से सम्मानित किया। सीएम ने विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले 11 दिव्यांगजनों के अलावा 4 ओलंपिक खिलाड़ियों को भी स्टेट अवार्ड देकर सम्मानित किया। साथ ही दिव्यांगजनों के लिए कार्य करने वाले डॉ. अंबेडकर अस्पताल और गुरु तेग बहादुर अस्पताल को भी सम्मानित किया गया। इस दौरान सीएम ने समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रकाशित पत्रिका के विमोचन के साथ-साथ पेंशनरों की सुविधा के लिए ‘धरोहर’ मोबाइल एप भी लांच किया।

इस अवसर पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन लोगों ने अपनी दिव्यांगता को ताकत में बदला और शारीरिक रूप से सक्षम लोगों को भी पीछे छोड़ दिया। इन्होंने अपनी जिंदगी में कुछ न कुछ विशेष उपलब्धि हासिल की है और आगे भी देश के लिए कुछ करने की भूख है। हम सभी को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। इन्होंने ये साबित किया कि जो जैसा है, उसे वैसे ही स्वीकार करनी चाहिए और रोने के बजाय देश के लिए कुछ करके दिखाना चाहिए। इस दौरान समाज कल्याण मंत्री राजकुमार आनंद ने भी समारोह को संबोधित किया।

सिविल लाइंस स्थिति शाह ऑडिटोरियम में आयोजित दिव्यांगजनों के लिए स्टेट अवार्ड समारोह को संबोधित करते हुए सीएम अरविंद केजरीवाल ने पुरस्कृत दिव्यांगजनों को बधाई दी और कहा कि मेरे लिए दिव्यांगजनों को अवार्ड देना बहुत ही भावनात्मक और अध्यत्मिक क्षण था। मुझे लगता है कि यहां सम्मानित एक-एक दिव्यांगजन की कहानी बहुत ज्यादा प्रेरणादायी है। सभी लोगों ने अपनी दिव्यांगता को अपनी ताकत में बदल दिया। कुछ सम्मानित लोगों के साथ बात भी किया। अलग- अलग किस्म की प्रतिभाओं से मिलना हुआ। जिनको भगवान ने शारीरिक तौर पर सबकुछ दिया है, उनको भी इन दिव्यांगजनों ने पीछे छोड़ दिया है। कहते हैं कि भगवान एक चीज छीनता है तो बदले मे कुछ न कुछ और क्षमता देता है। हमें इन सब लोगों से प्रेरणा लेनी चाहिए।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन सभी लोगों ने अपनी-अपनी जिंदगी में कुछ न कुछ उपलब्धि हासिल की है और आगे भी समाज के लिए कुछ अच्छा करने की भूख है। इन सभी लोगों के अंदर अभी बहुत कुछ करने का जज्बा है। भगवान ने इस पृथ्वी पर जितने जीव बनाए हैं, हर एक को किसी न किसी कारण से भेजा है। अपने आप को चाहे कोई कितना ही मामूली समझे, लेकिन हर एक का इस पृथ्वी पर आने का कोई न कोई कारण है। आज यहां सम्मानित होने वाले दिव्यांगजनों ने ये साबित कर दिया है। इस पृथ्वी पर आए हर एक व्यक्ति को भगवान ने कुछ अलग प्रतिभा दी है। वो व्यक्ति अपनी प्रतिभा को पहचान पाता है या नहीं, समाज उसको अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देता है या नहीं देता है।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन सब लोगों की कहानियां बहुत ज्यादा प्रेरणादायी है। सीएम ने समाज कल्याण विभाग से कहा कि इन सभी की कहानियों को अखबारों में विज्ञापन के तौर पर प्रकाशित किया जाए तो पूरे समाज को प्रेरणा मिलेगी। सभी को ये प्रेरणा मिलनी चाहिए कि किस तरह इतनी कठिनाइयों के बावजूद इन लोगों ने जिंदगी में इतना कुछ हासिल किया है। हमें जिंदगी में थोड़ी सी कुछ हो जाए तो हम रोने लग जाते हैं। लेकिन इन्होंने अपनी जिंदगी को जैसे थी, वैसे ही स्वीकार किया और कुछ हासिल करके दिखाया। ये जिंदगी तास के पत्तों की तरह है। पास पिस दी गई है, आपको पत्ते मिल गए हैं और अब आपको उन पत्तों के साथ खेलना है। उन पत्तो के साथ या तो रोते रहिए या खेलिए। जो पत्ते आए हैं, उन्हीं के साथ आपको खेलना है। इन लोगों ने ये साबित कर के दिखा दिया है कि जो है, जैसा है, उसे स्वीकार करें और रोने के बजाय आगे बढ़ें और समाज व देश के लिए कुछ करके दिखाएं।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार सभी दिव्यांगजनों के साथ है। बुजुर्गों, पेंशनर्स और दिव्यांगजनों के लिए हमारी सरकार की बहुत सारी योजनाएं हैं। अगर और भी योजनाएं बनाने की जरूरत पड़ेगी तो हम अवश्य बनाएंगे। सरकार के पास पैसे की कोई कमी नहीं है। पूरे देश में दिल्ली सरकार अकेली सरकार है जिसका बजट घाटे में नहीं है, बल्कि फायदे में है, क्योंकि हमारी ईमानदार सरकार है।

साजिश के तहत सरकारी सिस्टम को कमजोर और प्राइवेट को मजबूत किया जा रहा है, ताकि अमीर-गरीब में फर्क बना रहे- राजकुमार आनंद

इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री राजकुमार आनंद ने कहा कि इस दौर में दो व्यवस्थाएं काम कर रही हैं। एक सरकारी और दूसरा प्राइवेट सिस्टम है। एक गहरी साजिश के तहत सरकारी सिस्टम को कमजोर और प्राइवेट सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है, ताकि अमीर-गरीब के बीच का फर्क बना रहे। अमीर और अमीर होता जाए और गरीब और गरीब होता जाए। चंद अमीरों को फायदा पहुंचाया जा रहा है और गरीबों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, बिजली, परिवहन और बुजुर्गों की तीर्थ यात्रा पर लोगों के इतने पैसे खर्च हो जाएं कि उनके पास सेविंग के नाम पर कुछ भी न बचे। ऐसे अंधकार भरे माहौल में दिल्ली पूरे देश में एक रौशनी की तरह है। दिल्ली का सरकारी सिस्टम प्राइवेट सिस्टम में बेहतर काम कर रहा है और ज्यादा मजबूत हो रहा है। दिल्ली में सरकारी स्कूल बहुत शानदार हो गए हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक को देखने के लिए विदेशी हस्तियां आ चुकी हैं। दिल्ली सरकार जिस प्रतिबद्धता के साथ गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा कर रही है, वो पूरे देश के लिए नजीर है। ये सब सीएम अरविंद केजरीवाल के विजन की वजह से मुमकिन हो पाया है।

मंत्री राजकुमार आनंद ने कहा कि समाज कल्याण विभाग धरोहर मोबाइल एप लांच कर दिल्ली की जनता के साथ जुड़ने की नई पहल की है। मोबाइल एप आ आने के बाद अब पेंशन लाभार्थियों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। दिव्यांगता दिव्यांगजनों में नहीं होती, बल्कि हमारे सिस्टम में होती है। जिस दिन हम अपना सिस्टम दिव्यांगजनों के अनुसार विकसित कर लेंगे, उस दिन उनकी दिव्यांगता खत्म हो जाएगी। सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के लिए चलाए जा रहे होम्स में न सिर्फ रहने, खाने-पीने की व्यवस्था है, बल्कि उनकी पढ़ाई, कौशल विकास और खेलकूद की ट्रेनिंग भी दी जाती है। सीएम अरविंद केजरीवाल की कोशिशें रंग ला रही है और होम्स के बच्चे विदेशी धरती पर जाकर मेडल जीतकर दिल्ली व देश का नाम रौशन कर रहे हैं। सीएम अरविंद केजरीवाल द्वारा उन लोगों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी मेहनत व जूनून के दम पर दिव्यांगता को तोड़ दिया और अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी सफलता का परचम लहराया है। मंत्री ने कहा कि यूडीआईडी कार्ड का समय कम करने जा रहे हैं और दिव्यांगजन यूडीआईडी कार्ड दिखाकर बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे।

धरोहर मोबाइल एप के बारे में

इस दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल ने धरोहर एप भी लांच किया। धरोहर एप पर सभी पेंशन लाभार्थियों को सभी सूचनाएं पहुंचाने में मददगार है। इस पर पेंशन लाभार्थी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं, जिनका तुरंत निदान कराया जाएगा। लाभार्थी अपनी फोटो के साथ नाम, मोबाइल नंबर, आधार नंबर और जिले का नाम दर्ज कर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के बाद एप पर मौजूद सभी सुविधाओं का लाभ लिया जा सकेगा। इस एप के जरिए पेंशन लाभार्थी की सूची, पेंशन की मिलने की जानकारी और पिछले तीन महीने की पेंशन की जानकारी मिल सकेगी। एप के जरिए लाभार्थी जीवन प्रमाण पत्र, खाता नंबर आदि में संशोधन के लिए भी अनुरोध कर सकते हैं। किसी भी लाभार्थी द्वारा की गई शिकायत सीधे उसके संबंधित जिलो को भेजी जाती है, जहां उसका तत्काल समाधान किया जाता है। चैट से भी अपनी समस्या बता सकते हैं। इस एप पर दी गई जानकारी हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में उपलब्ध है।

दिव्यांजन के लिए राज्य पुरस्कार से ये लोग हुए सम्मानित

1- मल्लिकार्जुन लायथा को लोकोमोटर डिसएबिलिटी है। इनको वेस्ट एम्प्लाई, सेल्फ एम्प्लाई और आंत्रप्रिंन्योर विद डिसएबिलिटी कटेगरी में सम्मानित किया गया।
2- कार्तिकेय गोयल को मल्टीपल डिसएबिटिली है। इनको बेस्ट स्पोर्ट्स परसन विद डिसएबिलिटी (मेल) में सम्मानित किया गया।
3- मुन्ना खालिद के बाएं पैर में ऑर्थोपेडिक दिव्यंगता है। इनको बेस्ट स्पोर्ट्स परसंस विद डिसएबिलिटी (मेल) से सम्मानित किया गया।
4- चेतन उपाध्याय लोकोमोटर डिसएबिलिटी के शिकार हैं और व्हील चेयर पर आश्रित हैं। इनको वेस्ट क्रिएटिव परसन (मेल) अवार्ड से सम्मानित किया गया।
5- अनुज सक्सेना को अंधापन है। इनको भी वेस्ट वेस्ट क्रिएटिव परसन (मेल) अवार्ड से सम्मानित किया गया।
6- मोनिका धनकड़ को लोकोमोटर डिसएबिलिटी है। इन्हें डिसएबिलिटी में बेस्ट एम्प्लाई, सेल्फ एम्प्लाई व आंत्रप्रिंयोर (फिमेल) कटेगरी में सम्मानित किया गया।
7- क्षितिज को सेरेब्रल पल्सी की दिव्यांगता है। इन्हें बेस्ट स्पोर्ट्स परसन विद डिसएबिलिटी (मेल) में सम्मानित किया गया।
8- याशिका भट्ट को इंटेलेक्चुअल डिसएबिलिटी है। इन्हें बेस्ट स्पोर्ट्स परसंस विद डिसएबिलिटी (फिमेल) में सम्मानित किया गया।
9- सागर परासरी को लोकोमोटर डिसएबिलिटी है और व्हील चेयर की मदद लेने के लिए मजबूर हैं। इन्हें बेस्ट क्रिएटिव परसन (मेल) कटेगरी में सम्मानित किया गया।
10- ललीत कुमार को ऑर्थोपेडिक डिसएबिलिटी है। इन्हें बेस्ट क्रिएटिव परसन (मेल) कटेगरी में सम्मानित किया गया।
11- पूजा गुप्ता थैलेसेमिया से ग्रसित हैं। इन्हें बेस्ट क्रिएटिव परसन (फिमेल) कटेगरी में सम्मानित किया गया।

दिव्यांगजनों के लिए स्टेट अवार्ड से सम्मानित ओलंपिक खिलाड़ी

1- झुनकी पहाड़िन को जर्मनी के बर्लिन में आयोजित स्पेशल ओलंपिक विश्व समर गेम्स 2023 के में 52 किलो भार में शानदार प्रदर्शन करने के लिए सम्मानित किया गया। इन्होंने यहां तीन सिल्वर मेडल जीते।
2- प्रीति ने जर्मनी के बर्निल में आयोजित इंटरनेशनल स्पेशल ओलंपिक विश्व समर गेम्स 2023 में बास्केट बॉल में सिल्वर मेडल जीता था। इससे पहले प्रीति गुजरात में मार्च 2015 में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में बास्केट बॉल में गोल्ड मेडल जीता था।
3- ममता को भी स्टेट अवार्ड से सम्मानित किया गया। इन्होंने जर्मनी के बर्निल में आयोजित इंटरनेशनल स्पेशल ओलंपिक विश्व समर गेम्स 2023 में हैंड बॉल में सिल्वर मेडल जीता है।
4- वहीं, मोहली ने जर्मनी के बर्निल में आयोजित इंटरनेशनल स्पेशल ओलंपिक विश्व समर गेम्स 2023 में बास्केट बॉल में सिल्वर मेडल जीतने के लिए सम्मानित किया गया।

दिव्यांगजनों के लिए विशेष कार्य करने वाले दो अस्पताल भी सम्मानित

दिव्यांग जनों के लिए विशेष कार्य करने वाले दिल्ली के दो अस्पतालों को भी सम्मानित किया गया। इसमें डॉ. बाबा साहब अंबेडकर अस्पताल और गुरु तेग बहादुर अस्पताल शामिल हैं। सीएम ने अंबेडकर अस्पताल के एमएस को औ तेग बहादुर अस्पताल के एचओडी को प्रशस्ति पत्र और शॉल देकर सम्मानित किया।