Thursday, June 20, 2024
31.1 C
New Delhi

Rozgar.com

31.1 C
New Delhi
Thursday, June 20, 2024

Advertisementspot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeSportsSports Quota: युवाओं और जूनियर खिलाड़ियों को खेल कोटा से नौकरी अच्छा...

Sports Quota: युवाओं और जूनियर खिलाड़ियों को खेल कोटा से नौकरी अच्छा विचार नहीं: तेजस्विन।

  • युवाओं और जूनियर खिलाड़ियों को खेल कोटा से नौकरी अच्छा विचार नहीं: तेजस्विन
  • सिंधू को ‘2024 अर्थ आवर इंडिया’ का सद्भावना दूत बनाया गया
  • नडाल के हटने के बाद नागल इंडियन वेल्स के मुख्य ड्रॉ में

नई दिल्ली
Sports Quota: भारत के ऊंची कूद के शीर्ष खिलाड़ी तेजस्विन शंकर ने खेलो इंडिया के पदक विजेताओं को सरकारी नौकरियों के लिए पात्र बनाने के खेल मंत्रालय के फैसले पर सवाल उठाया है और कहा है कि इससे खिलाड़ी ‘अनुचित तरीके’ अपनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं क्योंकि यह नीति लगातार अच्छे प्रदर्शन की जगह एकल उपलब्धि को पुरस्कृत करती है।

Sports Quota: खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने  घोषणा की कि खेलो इंडिया खेलों- युवा, विश्वविद्यालय, पैरा और शीतकालीन खेल- के पदक विजेता संशोधित मानदंडों के अनुसार सरकारी नौकरियों के लिए पात्र होंगे।

Sports Quota: राष्ट्रमंडल खेल 2022 में ऊंची कूद में कांस्य और पिछले साल हांगझोउ एशियाई खेलों में डेकाथलन में रजत पदक जीतने वाले तेजस्विन इस फैसले से खुश नहीं थे लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि उनके विचारों को ‘अलोकप्रिय राय’ माना जा सकता है।

तेजस्विन ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”अगर हम एक खेल महाशक्ति बनना चाहते हैं तो हम युवाओं/जूनियर खिलाड़ियों को खेल कोटा के तहत नौकरियां देने को सामान्य नहीं बना सकते। एक मानदंड होना चाहिए, जैसे राष्ट्रीय स्तर पर तीन साल तक लगातार पदक जीतना या राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष आठ में पांच साल रहना आदि।”

इस राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक ने कहा, ”…जब सरकारी नौकरी की बात हो तो अनुचित साधनों का सहारा लेने के लिए प्रोत्साहन वास्तव में बहुत अधिक है और आपको राष्ट्रीय स्तर पर आयु समूह स्तर पर एक बार पदक जीतना है। हमें प्रदर्शन में निरंतरता को पुरस्कृत करने की आवश्यकता है।”

हालाकि उन्होंने उम्मीदवारों द्वारा अपनाए जाने वाले अनुचित साधनों की सटीक प्रकृति के बारे में कुछ नहीं कहा।

सरकार ने कहा है कि इस कदम का उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को निखारना और खेल को एक आकर्षक तथा व्यावहारिक करियर विकल्प में बदलना है।

तेजस्विन ने कहा कि खेलो इंडिया एक ‘शानदार’ पहल है लेकिन नौकरी के अवसर देना उसके लक्ष्य के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने कहा, ”खेलो इंडिया जागरूकता बढ़ाने, प्रतिभा की खोज करने, रुचि विकसित करने, खेल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने आदि का एक शानदार अवसर है, यानी सच्चा जमीनी स्तर का विकास जो एक स्वागत योग्य कदम है। नौकरियां इसमें फिट नहीं होती…।”

तेजस्विन ने कहा, ”असली गुंजाइश राष्ट्रीय स्कूल, अखिल भारतीय विश्वविद्यालय खेलों, खेलो इंडिया, जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप, सीबीएसई राष्ट्रीय चैंपियनशिप, केवीएस राष्ट्रीय चैंपियनशिप, अंडर 14-16 राज्य स्तर आदि का आयोजन करने वाली संस्थाओं के बीच तालमेल बैठाने में है… इससे प्रत्येक प्रदर्शन को उचित रूप से पहचानकर प्रतिभा को सुव्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।”

पिछले महीने खेल मंत्रालय के मिशन ओलंपिक प्रकोष्ठ (एमओसी) ने पेरिस ओलंपिक की ऊंची कूद स्पर्धा में क्वालीफाई करने के इरादे से महत्वपूर्ण अंक हासिल करने के लिए यूरोप में प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए वित्तीय सहायता के शंकर के अनुरोध को मंजूरी दे दी थी।

एक व्यक्ति को जवाब देते हुए तेजस्विन ने कहा, ”दुनिया भर में एक प्रतिशत से भी कम लोगों के पास वास्तव में पेशेवर खिलाड़ियों के रूप में करियर है और वे खेल से जीवनयापन करने के लिए पर्याप्त कमाई करते हैं।”

सिंधू को ‘2024 अर्थ आवर इंडिया’ का सद्भावना दूत बनाया गया

नई दिल्ली
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू को इस साल के ‘अर्थ आवर इंडिया’ के लिए सद्भावना दूत बनाया गया है। यह 18 साल पुराना आंदोलन है जो पर्यावरण संबंधी मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करता है। इस साल 23 मार्च को ‘पृथ्वी दिवस’ मनाया जाएगा।

सिंधू ने एक बयान में कहा, ”मैं अधिक सतत जीवनशैली की ओर कदम बढ़ाते हुए और प्रकृति के साथ अधिक समय बिताते हुए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के अर्थ आवर में शामिल हो रही हूं।” उन्होंने कहा, ”मैं जिम से बाहर निकलकर और सप्ताह में एक बार प्रकृति के बीच समय बिताकर पृथ्वी के लिए एक घंटा दे रही हूं। ग्रह के लिए कुछ सकारात्मक करके अधिक आशावादी और लचीला भविष्य बनाने के लिए इस अर्थ आवर में मेरे साथ शामिल हों। आइए इसे पृथ्वी के लिए सबसे बड़ा घंटा बनाएं।”

नडाल के हटने के बाद नागल इंडियन वेल्स के मुख्य ड्रॉ में

इंडियन वेल्स
भारतीय टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल ने स्पेन के महान खिलाड़ी रफेल नडाल के बीएनपी परिबास ओपन से हटने पर ‘लकी लूजर’ के रूप में टूर्नामेंट के मुख्य ड्रॉ में जगह बनाई। शीर्ष स्तर पर खेलने के लिए तैयार नहीं होने का हवाला देकर नडाल टूर्नामेंट से हट गए।

छब्बीस साल के नागल क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के दूसरे दौर में हार गए थे लेकिन उस ड्रॉ में शीर्ष खिलाड़ी होने के कारण उन्हें मुख्य ड्रॉ में जगह मिली। वह अभी एटीपी रैंकिंग में 101वें स्थान पर हैं। नागल पहले दौर में 2016 विंबलडन के फाइनल में जगह बनाने वाले मिलोस राओनिक से भिड़ेंगे।

इससे पहले 37 साल के नडाल ने टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया। स्पेन का यह खिलाड़ी चोटों से जूझ रहा है और पिछले सत्र में उन्हें कूल्हे का ऑपरेशन कराने को बाध्य होना पड़ा था।

टूर्नामेंट द्वारा जारी बयान में नडाल ने कहा, ”यह आसान फैसला नहीं है, यह मुश्किल है लेकिन मैं स्वयं से और अपने हजारों प्रशंसकों से झूठ नहीं बोल सकता।”

उन्होंने कहा, ”मैं कड़ी मेहनत और अभ्यास कर रहा हूं। आप सभी जानते हैं कि इस सप्ताहांत मैंने खुद को परखा लेकिन मैं खुद को इतने महत्वपूर्ण टूर्नामेंट में उच्चतम स्तर पर खेलने के लिए तैयार नहीं पाता।”

चेन्नई चैलेंजर टूर्नामेंट में खिताब जीतकर नागल पिछले महीने एटीपी रैकिंग में शीर्ष 100 में पहुंचे लेकिन इसके बाद हुए टूर्नामेंटों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण इससे बाहर भी हो गए।