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Farmers Protest: दिल्ली-चंडीगढ़ हाइवे 22 दिन बाद खुल गया, आखिर कहां गए आंदोलनकारी किसान।

Farmers Protest: Delhi-Chandigarh Highway opened after 22 days.

चंडीगढ़

Farmers Protest: अंबाला को चंडीगढ़ से जोड़ने वाला अंबाला-चंडीगढ़ राजमार्ग 22 दिनों बाद खुल गया है। किसान आंदोलन के चलते इस राजमार्ग पर स्थित सद्दोपुर पर बैरिकेडिंग कर 11 फरवरी को आवाजाही बंद कर दी थी। अब जब किसान आंदोलन की रूपरेखा में बदलाव हुआ तो अंबाला पुलिस ने इस राजमार्ग को सोमवार को खोलने का काम शुरू किया। इसके लिए सायं के समय पुलिस जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचे। एक-एक कर बैरिकेडिंग को हटाना शुरू भी कर दिया।

Farmers Protest: इस दौरान पुलिस के सामने सबसे बड़ी दिक्कत यह आई कि इन बैरिकेडिंग को कंकरीट से पाट दिया गया था। ऐसे में पुलिस को देर रात्रि तक बैरिकेडिंग हटाने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस अधिकारियों ने की मानें तो रातभर में बैरिकेडिंग को हटाकर वाहनों की आवाजाही के लिए एक तरफ रास्ता खोला गया। अब लोग इस राजमार्ग के जरिए आसानी से अंबाला से चंडीगढ़ और चंडीगढ़ से अंबाला आवाजाही कर सकते हैं।

Farmers Protest: अभी हाइवे को पूरी तरह से साफ करने के लिए प्रशासन का काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। बता दें कि यहां से 10 किलोमीटर दूर शंभू बॉर्डर पर किसानों ने डेरा डाल रखा है। अब किसान संगठनों ने ऐलान किया है कि 6 मार्च को पंजाब और हरियाणा को छोड़कर बाकी राज्यों के किसान दिल्ली के लिए कूच करेंगे। वहीं 14 मार्च को रामलीला मैदान में महापंचायत का ऐलान किया गया है। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि सरकार का घुटनों के बल लाने का प्लान तैयार किया गया है। शंभू बॉर्डर और खनौरी बॉर्डर पर किसानों की संख्या में इजाफा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का कहना है कि किसान ट्रैक्टरों को छोड़कर दिल्ली आ सकते हैं। अब 6 मार्च को किसान ट्रेन, बस या पैदल शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली के लिए कूच करेंगे।

Farmers Protest: बता दें कि 12 फरवरी को अंबाला-चंडीगढ़ हाइवे को बंद कर दिया गया था। इसके चलते आम लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। लोगों को दूसरे लंबे रास्ते से होकर आना-जाना पड़ता था। इसके अलावा कई लोगों दिहाड़ी करने जाने में भी समस्या का सामना करना पड़ रहा था। बड़ीं संख्या में बसों को डायवर्ट किया गया था। अंबाला के रहने वाले राकेश मक्कर ने कहा, हाइवे बंद होने की वजह से डायवर्टेड रूट पर भी तगड़ा जाम लगा रहता था। बैरियर की दूसरी तरफ रहने वाले लोगों को अंबाला आने के लिए भी मशक्कत करनी पड़ती थी। अंबाला के लोगों ने भी गृह मंत्री अनिल विज के सामने यह मुद्दा उठाया था।

Farmers Protest: किसान संगठनों ने यूनियनों से कहा है कि 10 मार्च को दोपहर 12 बजे से शाम के चार बजे तक चार घंटे ट्रेनें रोकें। उन्होंने कहा कि पंचायतों को किसानों के समर्थन में प्रस्तावपारित करना चाहिए और हर गांव से एक ट्रैक्टर ट्रॉली आंदोलन स्थल पर पहुंच जानी चाहिए। वहीं डल्लेवाल ने कहा कि शुभकरण सिंह का बलिदान व्यवर्थ नहीं जाएगा। जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाएंगी आंदोलन इसी तरह चलता रहेगा। 

जेसीबी मशीनों से खोली गई 2 लेन

Farmers Protest: वहीं आपको बता दें कि अंबाला पुलिस द्वारा जेसीबी मशीनों देर रात तक रास्तों को खोलने का काम करती रही। जिसके बाद अलसुबह वाहनों की आवाजाही शुरू हुई। 13 फरवरी के बाद से पुलिस ने पंजाब से आने वाले 2 रास्तों अमृतसर-दिल्ली मार्ग और चंडीगढ़-दिल्ली मार्ग पूरी तरह से बंद कर दिया था जिस कारण लोगों को लंबे रास्तों की दूरी तय कर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता था।

आसानी से आ-जा सकेंगे अब दिल्ली-चंडीगढ़

Farmers Protest: मालूम रहे इससे पहले कुरुक्षेत्र शाहाबाद के पास भी हाईवे पर लगाए बैरिकेड़स को हटाया गया है जिस कारण दिल्ली से अंबाला आने का रोड से सफर आसान हो गया था लेकिन चंडीगढ़ पहुंचना एक बड़ी बाधा बना हुआ था जिसे प्रशासन ने अब खोल दिया है। जिसके बाद अब लोग आसानी से दिल्ली-चंडीगढ़ आसानी से आ-जा सकेंगे।