Tuesday, May 21, 2024
36.1 C
New Delhi

Rozgar.com

36.1 C
New Delhi
Tuesday, May 21, 2024

Advertisementspot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeStatesChhattisgarhगरियाबंद: रेत से शिवलिंग बनाकर माता सीता ने की थी पूजा अर्चना,...

गरियाबंद: रेत से शिवलिंग बनाकर माता सीता ने की थी पूजा अर्चना, कुलेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है शिवलिंग

गरियाबंद.

गरियाबंद के राजिम कुंभ कल्प के संगम तट पर पैरी, सोढ़ूर और महानदी का संगम है। नदी के बीच में भगवान शिव का विशाल मंदिर है, जिसे कुलेश्वरनाथ महादेव के नाम से ख्याति प्राप्त है। कहा जाता है कि वनवास काल के दौरान भगवान श्रीराम ने लक्ष्मण और माता सीता के साथ यहीं पर स्थित लोमष ऋषि के आश्रम में कुछ दिन गुजारे थे। उसी दौरान माता सीता ने नदी की रेत से भगवान भोलेनाथ का शिवलिंग बनाकर उनकी पूजा अर्चना की थी। तभी से इस शिवलिंग को कुलेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है।

इस खुरदुरे शिवलिंग को माता सीता ने अपने हाथों से बनाया था, जिसके निशान होने की बात जन मानस में प्रचलित है। चूंकि यह शिवलिंग क्षरण के कारण अपना मूल स्वरूप शनैः शनै खोता जा रहा है, इसलिए इस शिवलिंग की सुरक्षा के लिए ऊपर से जाली लगाकर शिवलिंग को ढक दिया गया है। ताकि शिव भक्तों द्वारा पूजा अर्चना में उपयोग किए जाने वाली वस्तुओं से शिवलिंग की सुरक्षा की जा सके। भगवान श्री कुलेश्वरनाथ को लेकर मान्यता है कि बरसात के दिनों में कितनी भी बाढ़ आ जाए यह मंदिर डूबता नहीं है। कहा जाता है बाढ़ से घिर जाने के बाद नदी के दूसरे किनारे पर बने मामा-भांचा मंदिर को गुहार लगाते हैं कि मामा मैं डूब रहा हूं मुझे बचा लो। तब बाढ़ का पानी कुलेश्वरनाथ महादेव के चरण पखारने के बाद बाढ़ का स्तर स्वतः कम होने लगाता है। कहा तो यह भी जाता है कि राजिम के स्वर्ण तीर्थ घाट के समीप बने संत कवि स्व. पवन दीवान के आश्रम में स्थित प्राचीन मंदिर जिसमें एक गुफा भी है, जहां पर काली माता की मूर्ति विराजमान है। इस मंदिर से निकली सुरंग, सीधे कुलेश्वरनाथ मंदिर तक पहुंचती है। संभवतः बरसात के दिनों में पुजारी इसी सुरंग से होकर भगवान कुलेश्वर नाथ की पूजा अर्चना के लिए जाया करते होंगे। चूंकि अभी ये सुरंग बंद हो चुकी है। इस बात में कितनी सच्चाई है यह शोध का विषय हो सकता है।