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गाजा में युद्धविराम के लिए काहिरा में इजराइल के बिना शुरू हुई वार्ता

गाजा में युद्धविराम के लिए काहिरा में इजराइल के बिना शुरू हुई वार्ता

अमेरिका बोला- युद्ध से पैदा हो रही अमानवीय स्थिति

रूस-यूक्रेन के बीच शांति के लिए मेदवेदेव ने जेलेंस्की से वार्ता करने से किया इनकार

काहिरा,
गाजा में जारी इजराइली हमले को रोकने के लिए मिस्र की राजधानी काहिरा में एक वार्ता शुरू हो गई है। हालांकि इस वार्ता में इजराइल शामिल नहीं है।

हमास के साथ इस वार्ता में मध्यस्थ मिस्र, कतर, अमेरिका के अधिकारी शामिल हैं। इजराइल ने बंधकों के नामों की सूची नहीं मिलने के कारण वार्ता से दूर रहने का फैसला किया है। लेकिन मध्यस्थ वार्ता की प्रगति से इजराइल को अवगत करा रहे हैं।

इस बीच, अमेरिका की उप राष्ट्रपति कमला हैरिस ने गाजा में छह हफ्ते का अविलंब युद्धविराम लागू किए जाने की आवश्यकता जताई है। उन्होंने कहा कि वहां पर आमजनों का बुरा हाल हाल है और वे अमानवीय स्थितियों में रह रहे हैं।

फलस्तीनी सूत्रों के अनुसार युद्धविराम को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद बना हुआ है। इजराइल केवल बंधकों की रिहाई के लिए सीमित युद्धविराम चाहता है, यह युद्धविराम छह हफ्ते का हो सकता है, जबकि हमास गाजा में स्थायी युद्धविराम चाहता है जिसके लिए इजरायल तैयार नहीं है।

अमेरिका की उप राष्ट्रपति ने कहा है कि गाजा के कई इलाकों में भुखमरी की स्थिति है, इसलिए वहां राहत सामग्री की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित होनी चाहिए। इसमें इजराइल की कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी। इजराइल की नेतन्याहू सरकार को कड़ा संदेश देते हुए बाइडन प्रशासन ने विपक्ष के नेता एवं इजरायल की वार कैबिनेट के सदस्य बेनी गेंट्ज का स्वागत किया। गेंट्ज प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ मतभेदों के बाद घनिष्ठ सहयोगी देश अमेरिका के नेताओं से मिलने के लिए वाशिंगटन गए हैं। इस बीच रफाह और गाजा के अन्य इलाकों में इजराइली हमले जारी हैं। इन हमलों में बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की सूचना है।

रूस-यूक्रेन के बीच शांति के लिए मेदवेदेव ने जेलेंस्की से वार्ता करने से किया इनकार

मास्को
 रूस-यूक्रेन के बीच पिछले 2 साल से जारी युद्ध के बीच शांति वार्ता के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी और रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने  मौजूदा यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ शांति वार्ता से इनकार कर दिया। मेदवेदेव ने यह भी कहा कि यूक्रेन रूस का हिस्सा है।

दक्षिणी रूस में मेदवेदेव ने कहा कि रूस अपना विशेष सैन्य अभियान जारी रखेगा, जब तक कि दूसरा पक्ष आत्मसमर्पण नहीं कर देता। मेदवेदेव ने कहा कि यूक्रेन के पूर्व नेताओं में से एक ने कहा था कि यूक्रेन रूस नहीं है। उस अवधारणा को हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहिए। यूक्रेन निश्चित रूप से रूस है। उन्होंने राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के नेतृत्व वाले वर्तमान यूक्रेनी नेतृत्व के साथ शांति वार्ता से इन्कार कर दिया। पूर्व-पश्चिम संबंधों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि मास्को और वाशिंगटन के बीच संबंध 1962 के क्यूबा मिसाइल संकट से भी बदतर है।

क्रेमलिन ने कहा कि जर्मन सैन्य चर्चाओं की कथित रिकार्डिंग से पता चलता है कि जर्मनी के सशस्त्र बल रूसी क्षेत्र पर हमले की योजना पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने सवाल किया कि क्या चांसलर ओलाफ स्कोल्ज का स्थिति पर नियंत्रण है। इसे लेकर रूस ने सोमवार को जर्मनी के राजदूत को तलब किया। दरअसल, इंटरनेट मीडिया पर लीक 38 मिनट की रिकार्डिंग में सैन्य अधिकारी यह चर्चा कर रहे हैं कि कैसे लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल टारस का इस्तेमाल कीव द्वारा रूसी सेनाओं के खिलाफ किया जा सकता है।

जर्मनी की वायु सेना के प्रमुख इंगो गेरहार्ट्ज सहित चार अधिकारियों को टारस तैनाती पर चर्चा करते सुना जा सकता है। इसमें कहा गया है कि टारस की शीघ्र डिलीवरी और तेजी से तैनाती केवल जर्मन सैनिकों की मदद से संभव है। इससे यह भी पता चलता है कि जर्मन सरकार ने यूक्रेन द्वारा मांगी गई क्रूज मिसाइलों की डिलीवरी के लिए सहमति नहीं दी है। वहीं, जर्मन अधिकारियों ने कहा कि वे रिकार्डिंग की जांच कर रहे हैं। यह भी जांच कर रहे हैं कि कैसे संभव है कि शीर्ष जर्मन सैन्यकर्मियों की बातचीत को रूसियों द्वारा सुना और लीक किया जा सकता है।

रूस के समारा शहर के पास एक रेलवे पुल पर धमाका हुआ। रूस के दक्षिण-पश्चिम में वोल्गा नदी पर स्थित समारा क्षेत्र देश के औद्योगिक केंद्रों में से एक है। रूस ने हाल के महीनों में अपने औद्योगिक और बुनियादी ढांचे पर हमलों की एक श्रृंखला की सूचना दी है, जिसके लिए उसने यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया है। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन रेलवे परिचालन पर असर पड़ा है।

अफगानिस्तानः भारी बर्फबारी व बारिश से अबतक 39 लोगों की मौत, 30 से ज्यादा घायल

काबुल
भारी बारिश और बर्फबारी की वजह से अफगानिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में अभी तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है और 30 से अधिक लोग घायल हैं। अफगानिस्तान इस वक्त भारी बारिश और बर्फबारी से जूझ रहा है।

चार दिनों से भीषण बर्फबारी और बर्फीले तूफान का सिलसिला चल रहा है। इससे प्रांतों और जिलों को जोड़ने वाली ज्यादातर सड़कें पूरी तरह अवरुद्ध हैं। अफगानी आपदा प्रबंधन मंत्रालय के प्रवक्ता जनान सईक ने खामा प्रेस से कहा कि हाल ही में हुई बर्फबारी और बारिश ने 637 आवासीय घरों को पूरी तरह या आंशिक रूप से नष्ट कर दिया है और 14,000 मवेशियों की जान ले ली है।