24.1 C
New Delhi
Saturday, March 2, 2024

Advertisementspot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeHariyali Teej: हरियाली तीज पर स्वर्ण रजत हिंडोले पर बांके बिहारी की...

Hariyali Teej: हरियाली तीज पर स्वर्ण रजत हिंडोले पर बांके बिहारी की खास पोशाक

Hariyali Teej: Today the holy festival of Hariyali Teej is being celebrated in Banke Bihari Temple.

Hariyali Teej: आज बांके बिहारी मंदिर में हरियाली तीज का पावन पर्व मनाया जा रहा हैं . बांके बिहारी महाराज सोने-चांदी से बने विशाल झूले में झूलेंगे और लगभग 1 कुंतल चांदी और कई तोला सोने के झूले में विराजमान होकर भगवान भक्तों को दर्शन देंगे.

Screenshot 2023 08 19 at 2.22.52 PM
Hariyali Teej: हरियाली तीज पर स्वर्ण रजत हिंडोले पर बांके बिहारी की खास पोशाक 2

हिंडोले को 60 कारीगरों ने किया है 5 दिन में तैयार

Hariyali Teej: भगवान बांके बिहारी का हिंडोला आकार में बहुत बड़ा है और वजन में भी काफी भारी है। उन्होंने कहा कि इस डोली को तैयार करने में 5 दिन का समय लगा और करीब 60 कारीगरों ने भगवान बांके बिहारी के स्वर्ण रजत इंडोले को तैयार किया है। इस हिंडोले में विशेषता यह है कि भगवान बांके बिहारी को सुख सेज भी लगाई गई है। यह सुख सेज गुलाबी रंग की होती है। इस पर भगवान को पान का बीड़ा, घेवर, सिंदूर, श्रृंगार का सामान और चांदी की कंघी रखी जाती है। उन्होंने कहा कि सुबह हरियाली तीज के दिन आगरा में बनी पोशाक धारण करेंगे और शाम को कोलकाता के कारीगरों द्वारा निर्मित की गई पोशाक को भगवान बांके बिहारी धारण करेंगे।

सबसे पहली बार कब विराजमान हुए थे बांके बिहारी

Hariyali Teej: हरियाली तीज को लेकर बांके बिहारी मंदिर में काफी हर्ष और उल्लाश देखने को मिल रहा हैं. वृंदावन में लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. बांके बिहारी का मंदिर अद्भुत सजाया गया है और बताया जा रहा हैं कि यहां आने वाले लोग भगवान के दर्शन कर उनकी पूजा अर्चना करेंगे। बता दें कि पहली बार 1947 में बांके बिहारी हिंडोले पर विराजमान हुए थे.

सिल्क के कपड़े से बनाये गए भगवान के वस्त्र

Hariyali Teej: गवान बांके बिहारी मंदिर के सेवायक प्रणव गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार भगवान बांके बिहारी के लिए कोलकाता में बनी पोशाक मंगाई गई है। हरियाली तीज के अवसर पर हरे रंग और सिल्क पट के कपड़े पर बनी पोशाक भगवान धारण करेंगे। उन्होंने बताया कि कोलकाता की कारीगरों ने भगवान की इस विशेष पोशाक को हाथों से तैयार किया है। प्रणव आगे बताते हैं कि भगवान बांके बिहारी पहली बार 15 अगस्त 1947 को स्वर्ण रजत हिंडोले में विराजमान हुए। हिंडोला पहले गर्भ ग्रह में लगाया जाता था हिंडोल का आकार बड़ा होने के कारण उसे जगमोहन से बाहर निकाल लगाया गया।

वृन्दावन में भक्तों की उमड़ी भीड़

Hariyali Teej: ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनीश शर्मा ने हरियाली तीज के अवसर पर लोगों से अपील की है कि वह अपने साथ बच्चे और बुजुर्गों को ना लेकर आएं। उन्होंने कहा है कि ठाकुर बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन ने हरियाली तीज पर (आज) देश-विदेश से दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालु दिव्यांग और मरीजों को मंदिर में न लाएं। इसके साथ ही जेबकतरों और मोबाइल चोरों से भी सावधान किया है।
​यह भी पढ़ें :https://www.khabronkaadda.com/vivek-agnihotri-on-srk-alligation/