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Friday, March 1, 2024

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Haryana: गांवों के विकास के बिना प्रदेश और देश के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती: मनोहर लाल।

Haryana: Haryana Chief Minister Manohar Lal said that the soul of the nation resides in the villages.

Haryana: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि राष्ट्र की आत्मा गांवों में बसती है और हमारी अर्थव्यवस्था अब भी खेतीबाड़ी पर ज्यादा निर्भर है। इसलिए गांवों के चहुंमुखी विकास के बिना प्रदेश और देश के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।

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Haryana: गांवों के विकास के बिना प्रदेश और देश के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती: मनोहर लाल। 2

Haryana: मुख्यमंत्री सोमवार को सूरजकुंड में आयोजित क्षेत्रीय पंचायती राज परिषद् के दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्मेलन के शुभारंभ कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया और मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संबोधित किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हम यहाँ एक ऐसे विषय पर विचार करने के लिए एकत्रित हुए हैं, जो देश के लोकतंत्र का मूल आधार है और देश के आखिरी व्यक्ति के हितों से सम्बन्ध रखता है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद की 75 साल की अवधि बीत जाने के बाद भी गांवों का विकास हमारी प्राथमिक आवश्यकता है। हमने पिछले लगभग 9 सालों में हरियाणा में गांवों के विकास के लिए अनेक योजनाएं चलाई और उनको अमलीजामा पहनाने के स्तर पर भी अनेक प्रयोग किए।

Haryana: उन्होंने कहा कि पंचायतें हमारी राष्ट्रीय एकता, अखण्डता, सुशासन और लोकतंत्र का रक्षा कवच हैं। हमारे देश में पंचायतों की न्यायप्रियता के कारण ‘पंच-परमेश्वर’ की धारणा बनी थी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद् ये तीनों स्तर हमारे देश की प्रजातंत्र व्यवस्था के मूल आधार हैं। इसी प्रकार नगरपालिका व नगरपरिषद् जैसे स्थानीय निकाय भी देश के शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास में सराहनीय प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में पंचायती राज संस्थाएं न केवल मजबूत हुई हैं, बल्कि और अधिक शक्तियां मिलने से सशक्त बनी हैं। इससे शहरों और गांवों के स्तर पर वहां की जरूरतों की पहचान करके और उन आवश्यकताओं की प्राथमिकता तय करके विकास के कामों को चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में पढ़ी-लिखी पंचायतें कारगर भूमिका में हैं।

Haryana: उन्होंने कहा कि ग्रामीण आँचल के गतिशील विकास हेतु पंचायती राज संस्थाओं का सशक्तिकरण किया गया। इसी के चलते सरकार द्वारा पंचायती राज संस्थाओं को बड़ी प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां दी गयी हैं। पंचायती राज संस्थानों को 10 प्रमुख विभागों का काम सौंपा हुआ है और विकास कार्यों के लिए ग्रांट की राशि सीधे ही पंचायतों के खातों में जमा करवाई जाती है। विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। 5 लाख रुपये तक के कार्य करवाने की शक्ति सीधे ही सरपंच को दी है। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास की शक्तियां सीधे ही पंचायती राज संस्थाओं को देने के लिए जिला परिषद के अध्यक्ष को डीआरडीए का चेयरमैन बनाया है और अंतर-जिला परिषद् का गठन करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है।

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