29 C
New Delhi
Friday, March 1, 2024

Advertisementspot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeBio De-Composer: केजरीवाल सरकार पराली गलाने के लिए पांच हजार एकड़ खेत...

Bio De-Composer: केजरीवाल सरकार पराली गलाने के लिए पांच हजार एकड़ खेत में निःशुल्क करेगी बायो डी-कंपोजर का छिड़काव।

Kejriwal government will spray bio de-composer for free in five thousand acres of land to melt stubble.

  • केजरीवाल सरकार पराली गलाने के लिए पांच हजार एकड़ खेत में निःशुल्क करेगी बायो डी-कंपोजर का छिड़काव
  • शुक्रवार को तिगीपुर गांव से बायो डी-कंपोजर का छिड़काव शुरू किया जाएगा-गोपाल राय
  • बायो डी-कंपोजर के छिड़काव के लिए 13 टीमों का गठन किया गया है- गोपाल राय

केजरीवाल सरकार इस साल दिल्ली में 5 हजार एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल के खेतों में निःशुल्क बायो डी-कंपोजर का छिड़काव करवाएगी। बायोडी-कंपोजर का छिड़काव शुक्रवार को तिगीपुर , नरेला विधान सभा से शुरू किया जाएगा । दिल्ली के विकास मंत्री गोपाल राय ने बताया कि बायो डी-कंपोजर के छिड़काव को लेकर 13 टीम का गठन किया गया है।

विकास मंत्री ने कहा कि सरकार इस साल पराली गलाने के लिए 5000 एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल के खेतों में निःशुल्क बायो डी-कंपोजर का छिड़काव करवाएगी। अभी किसानों से फॉर्म भरवाया जा रहा है आगे जरूरत हुई तो और भी खेतों में इसका छिड़काव कराया जाएगा। पूसा संस्थान खुद से बायो डिकम्पोजर घोल बनाकर दिल्ली सरकार को मुहैया करा रहा है। बासमती और गैर बासमती धान के सभी खेतों में सरकार द्वारा निःशुल्क बायो डी-कंपोजर का छिड़काव किया जाएगा।

मंत्री गोपाल राय ने कहा कि सरकार दिल्ली के अंदर सर्दियों के मौसम में होने वाले वायु प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए 15 बिंदुओं का विंटर एक्शन प्लान बनाया है। 15 फोकस बिंदुओं में शामिल पराली जलाना भी प्रदूषण की समस्या को बढ़ाने में एक एहम भूमिका निभाता है। ऐसे में इस समस्या पर समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें, इसलिए हमारी सरकार ने पिछले सालों की तरह इस बार भी पराली गलाने के लिए खेतों में बायो डि-कंपोजर का निःशुल्क छिड़काव करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है और कल से छिड़काव शुरू किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के अंदर कुछ हिस्सों में ही धान की खेती की जाती है। दिल्ली में पराली से प्रदूषण न हो, इसीलिए पिछले सालों में बायो डी-कंपोजर का निः शुल्क छिड़काव सरकार द्वारा किया गया था। जिसका बहुत ही सकारात्मक परिणाम रहा है। इससे पराली गल गई और खेत की उपजाऊ क्षमता में भी बढ़ोतरी देखी गई। किसानों के सामने एक समस्या यह भी रहती है कि धान की फसल की कटाई और गेहूं की बुवाई के बीच में समय अंतराल कम होता है। इसलिए सरकार समय रहते अभी से इस काम में जुट गई है ताकि सारी कवायद में देरी भी न हो और किसानों को बेहतर परिणाम भी मिल सकें। दिल्ली के अंदर बासमती और गैर बासमती धान के सभी खेतों में सरकार द्वारा निःशुल्क बायो डी-कंपोजर का छिड़काव किया जाएगा। दिल्ली के अंदर किसानो के बीच बायो डी-कंपोजर के छिड़काव को लेकर टीम द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाये जा रहे हैं