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HomeWorld Newsनीता अंबानी ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका

नीता अंबानी ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका

नीता अंबानी ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका

अमृतसर के गोल्डन टेंपल में माथा टेकने पहुंचीं नीता अंबानी

पंजाब के रूपनगर में मकान ढहने से तीन मजदूरों की मौत, एक अभी भी मलबे में फंसा

अमृतसर
रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और अध्यक्ष नीता अंबानी ने अमृतसर में स्थित स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका। नीता अंबानी श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) पहुंची थीं।

स्वर्ण मंदिर के प्रबंधक इकबाल सिंह मुखी ने शुक्रवार को बताया कि वह शाम करीब 7.30 बजे यहां पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने स्वर्ण मंदिर के गर्भगृह में मत्था टेकने से पहले पवित्र मंदिर की ‘परिक्रमा’ की। यहां मत्था टेकने के बाद उन्होंने कड़ा प्रसाद खाया।

वह स्वर्ण मंदिर के पवित्र ‘सरोवर’ के चारों ओर बने संगमरमर के गलियारे में बैठीं और गुरबानी कीर्तन भी सुना। मुखी ने बताया, ”वह रात 11.30 बजे तक स्वर्ण मंदिर परिसर में रहीं और इस दौरान उन्होंने ‘लंगर’ में भोजन भी किया।” उन्होंने कहा कि नीता अंबानी हर साल स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने आती हैं।

 

पंजाब के रूपनगर में मकान ढहने से तीन मजदूरों की मौत, एक अभी भी मलबे में फंसा

रूपनगर
 पंजाब में रूपनगर जिले की प्रीत कॉलोनी में एक दो मंजिला मकान ढह जाने से तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक अभी भी मलबे में फंसा हुआ है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि मलबे में फंसे हुए मजदूर को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव-अभियान जारी है। उन्होंने बताया कि यह घटना  हुई थी। उस दौरान मजदूर मकान का लेंटर ऊंचा करने में जुटे हुए थे।

रूपनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गुलनीत सिंह खुराना ने बताया, ”मकान ढहने से कुल पांच मजदूर मलबे में दब गये थे, जिसमें से तीन की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि जब मजदूरों को बाहर निकाला गया तो दो की पहले ही मौत हो चुकी थी जबकि एक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

खुराना ने बताया कि मलबे से सुरक्षित बाहर निकाले गये एक मजदूर का अस्पताल में इलाज चल रहा है जबकि एक मजदूर अभी भी मलबे में फंसा हुआ है और उसे बाहर निकालने के प्रयास किये जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि जब इमारत गिरी तो जोरदार विस्फोट की आवाज सुनाई दी।

दो मंजिला मकान ढहने की सूचना मिलने के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, पंजाब पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां घटनास्थल पर बचाव-अभियान के लिए पहुंची।

घर की मालिक राजिंदर कौर ने बृहस्पतिवार को बताया कि साल 1984 में इस घर का निर्माण कराया गया था। वे जैक की मदद से मकान का लेंटर उठाने का काम कर रहे थे।

एसएसपी खुराना ने बताया कि हरियाणा के एक ठेकेदार को यह काम सौंपा गया था और उसने मजदूरों को काम पर लगाया था। उन्होंने बताया कि इस घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है।