Tuesday, April 16, 2024
28.1 C
New Delhi

Rozgar.com

29 C
New Delhi
Tuesday, April 16, 2024

Advertisementspot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomePoliticsकेंद्रीय मंत्री एवं बिहार के बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह का अपनी...

केंद्रीय मंत्री एवं बिहार के बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह का अपनी ही पार्टी में विरोध शुरू

नई दिल्ली
केंद्रीय मंत्री एवं बिहार के बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह का अपनी ही पार्टी में विरोध शुरू हो गया है। बेगूसराय के बछवाड़ा में रविवार को उनसे नाराज चल रहे बीजेपी कार्यकर्ताओं ने काला झंडा दिखाकर अपने गुस्से का इजहार किया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में बीजेपी का झंडा लेकर गिरिराज के काफिले को रोका और मुर्दाबाद के नारे लगाए। उन्होंने मंत्री से वापस जाने को भी कहा। बाद में एस्कॉर्ट में मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को समझाया और उन्हें रास्ते से हटाकर काफिले को रवाना करवाया। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले गिरिराज का उनके ही क्षेत्र में बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध करने पर राजनीति गर्मा गई है।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह रविवार को बेगूसराय से बछवाड़ा प्रखंड के लोहिया मैदान में पूर्व से निर्धारित शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने एनएच-28 के रास्ते जा रहे थे। उनके आगमन की सूचना पर बछवाड़ा प्रखंड के रानी गांव में बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उन्हें काला झंडा दिखाने की पूर्व तैयारी करी। मंत्री का काफिला एनएच- 28 पर रानी चौक के समीप पहुंचते ही सभी कार्यकर्ता एक हाथ में बीजेपी का झंडा तथा दूसरे हाथ में काला झंडा लेकर सड़क पर उतर आए। कार्यकर्ताओं की भीड़ के बीच मंत्री की गाड़ी को रोकना पड़ा। उग्र बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मंत्री काला झंडा दिखाते हुए गिरिराज सिंह मुर्दाबाद, गिरिराज सिंह वापस जाओ आदि नारे लगाकर अपने गुस्से का इजहार किया।

इधर, मंत्री के आगे-आगे चल रही पुलिस की एस्कॉर्ट पार्टी ने उग्र लोगों को समझा-बुझाकर सड़क से हटाया फिर केंद्रीय मंत्री की काफिला बछवाड़ा प्रखंड के लोहिया मैदान में कार्यक्रम स्थल तक पहुंचा। काला झंडा दिखने वाले कार्यकर्ताओं का नेतृत्व रानी गांव निवासी विनोद राय कर रहे थे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की योजनाओं में  कमीशन खोरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि योजनाओं में कमीशन खोरी की शिकायत में कई बार मंत्री से की थी किंतु उनकी बातों को मंत्री द्वारा लगातार अनसुनी किया जाता रहा। इसी बात से गुस्सा होकर कार्यकर्ताओं ने उन्हें काला झंडा दिखाया है।