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Tuesday, March 5, 2024

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Hamas attack: हमास के हमले का जश्न मनाने वालों को पीएम मोदी ने दिखा ही दिया आईना।

PM Modi showed the mirror to those celebrating Hamas attack.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया को आतंकवाद पर स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की तो बड़ी दृढ़ता से आईना भी दिखाया। उन्होंने जी-20 के सदस्य देशों की पार्ल्यामेंट के स्पीकरों के सम्मेलन में कहा कि अब दुनिया महसूस कर रही है कि आतंकवाद की चुनौती कितनी बड़ी है। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद के बहाने जो भी हों, आतंकी दुनिया के जिस किसी भी कोने में अमानवीयता और बर्बरता की हदें पार कर रहे हों, उनके पाप मानवता के विरुद्ध ही होते हैं। पीएम ने संदेश दिया कि मानवता में विश्वास रखने वालों को आतंकवाद के खिलाफ एकुजट होना ही होगा। ध्यान रहे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान उस वक्त आया है जब इजरायल पर हमास के हमले के बाद कई मुस्लिम देशों में जश्न मनाए गए। येन केन प्रकारेण आतंकवाद और आतंकवादियों का पक्ष लेने वालों को पीएम मोदी का यह संदेश सच में आंखें खोलने को मजबूर करेगा।

भारतीय संसद पर आतंकी हमले का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली स्थित यशोभूमि में 9वें जी20 संसदीय अध्यक्ष शिखर सम्मेलन (पी20) का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में जी20 सदस्यों और आमंत्रित देशों की संसदों के अध्यक्ष भाग ले रहे हैं। सम्मेलन के उद्घाटन भाषण में पीएम मोदी ने भारतीय संसद पर आतंकी हमले का जिक्र करके दुनिया दिल झकझोरने की कोशिश की।

उन्होंने कहा, ‘जैसा कि आप जानते हैं कि भारत दशकों से सीमा पार आतंकवाद का सामना कर रहा है। आतंकवादियों ने भारत में हजारों निर्दोषों की जान ली है। संसद के नए भवन के पास ही आपको भारत की पुरानी संसद भी दिखाई देगी। करीब 20 साल पहले आतंकवादियों ने हमारी संसद को भी निशाना बनाया था और आप जानकर चौंक जाएंगे कि उस समय संसद का सत्र चल रहा था। आतंकवादियों की तैयारी सांसदों को बंधक बनाने की, उन्हें खत्म करने की थी। भारत ऐसी अनेकों आतंकी वारदातों से निपटते हुए आज यहां पहुंचा है।’

तब भारत होता था भुक्तभोगी और दुनिया हुआ करती थी बेफिक्र

पीएम मोदी ने यह कहकर दुनिया के उन देशों पर तंज भी कसा जिनके कानों पर कभी भारत में पाकिस्तान प्रायोजित आतंवाद को लेकर जूं तक नहीं रेंगा करती थी। भारत के दर्द को दुनिया ने तब अहसास करना शुरू किया जब अमेरिका पर 9/11 का भीषण आतंकी हमला हुआ। पीएम मोदी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि आज भी दुनिया आतंकवाद की परिभाषा तय नहीं कर पाई है।

उन्होंने कहा, ‘अब दुनिया को भी अहसास हो रहा है कि आतंकवाद दुनिया के लिए कितनी बड़ी चुनैती है। आतंकवाद चाहे कहीं भी होता हो, किसी भी कारण से होता हो, किसी भी रूप में होता हो, वो मानवता के विरुद्ध होता है। ऐसे में टेररिजम को लेकर हम सभी को लगातार सख्ती बरतनी ही होगी। हालांकि इसका एक वैश्विक पक्ष और है जिसकी तरफ मैं आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। टेररिजम की परिभाषा को लेकर आम सहमती ना बन पाना बहुत दुखद है। आज भी संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (ICCT) आम सहमति का इंतजार कर रहा है।’

दुनिया की आनाकानी का फायदा उठा रहे आतंकवादी: मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के इसी रवैये का फायदा मानवता के दुश्मन उठा रहे हैं। उन्होंने अपील की, ‘दुनियाभर की पार्लियामेंट्स के रिप्रेजेंटेटिव्स को यह सोचना होगा कि टेररिजम के विरूद्ध इस लड़ाई में कैसे हम मिलकर काम कर सकें। साथियो, दुनिया की चुनौतियों से निपटने के लिए जन भागीदारी से बेहतर माध्यम नहीं हो सकता। मेरा हमेशा से ही मानना रहा है कि सरकारें बहुमत से बनती हैं, पर देश सहमती से चलता है। हमारी पार्लियामेंट और ये पी20 फोरम भी इस भावना को ससक्त कर सकती है।’

ध्यान रहे कि शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत की संसद की तरफ से भारत की जी20 अध्यक्षता के व्यापक ढांचे के तहत की जा रही है। भारत की जी20 अध्यक्षता की थीम के अनुरूप, 9वें पी20 शिखर सम्मेलन का विषय ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य के लिए संसद’ है। इस पी20 शिखर सम्मेलन के दौरान विषयगत सत्र निम्नलिखित चार विषयों पर केंद्रित हैं- सार्वजनिक डिजिटल प्लैटफॉर्मों के माध्यम से लोगों के जीवन में परिवर्तन; महिलाओं के नेतृत्व वाला विकास; एसडीजी में तेजी लाना और सतत ऊर्जा संक्रमण। 9 और 10 सितंबर को नई दिल्ली जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में अफ्रीकी संघ के जी20 का सदस्य बनने के बाद पैन-अफ्रीकी संसद पहली बार पी20 शिखर सम्मेलन में भाग ले रही है।