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Tuesday, March 5, 2024

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Justin Trudeau: क्यों इतने आतंकपरस्त हो गए जस्टिन ट्रूडो? कनाडा के पत्रकार ने ही खोल दी पूरी पोल।

Why did Justin Trudeau become such a terrorist? This is an in-depth poll by a Canadian journalist.


Justin Trudeau: नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बीजिंग की तरफ से बाधित करने के खिलाफ, लोकतांत्रिक देशों के वैश्विक गठबंधन के भीतर भारत को शामिल करने के अमेरिका के नेतृत्व वाले प्रयास को एक कड़ा झटका लगा है। कनाडा की इंडो-पैसिफिक स्ट्रैटिजी, ओटावा की चमकदार नई व्यापार और विदेश नीति पहल दम तोड़ चुकी है। 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि कनाडा के सुरक्षित ठिकानों से सबसे खतरनाक खालिस्तानियों को इतना ज्यादा प्रोत्साहित किया गया है।

Justin Trudeau: 12 साल से चल रही कनाडा-भारत के बीच मुक्त व्यापार वार्ता रहस्यमय तरीके से ‘रोक दी गई’ थी, और अब किसी को इस बात का अंदाजा नहीं है कि दोनों देश फिर कब यह बातचीत शुरू करेंगे या करेंगे भी कि नहीं। हर साल 80 हजार से ज्यादा कनाडाई भारत का दौरा करते हैं, लेकिन भारत के विदेश मंत्रालय ने अब कनाडा में अनिश्चित काल के लिए वीजा जारी करना पूरी तरह बंद कर दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक अभूतपूर्व ट्रैवल एडवाइजरी जारी की, जिसमें कनाडा की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों से बहुत सावधान रहने का आग्रह किया गया। इसमें कहा गया है, ‘कनाडा में बिगड़ते सुरक्षा माहौल को देखते हुए, विशेष रूप से भारतीय छात्रों को अत्यधिक सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।’

Justin Trudeau: उधर, कनाडाई सरकार ने भारत के इस दावे को खारिज कर दिया है कि कनाडा में हिंदुओं को खतरा है। कनाडा के आव्रजन मंत्री मार्क मिलर ने कहा, ‘कनाडा रूल ऑफ लॉ से चलता है और यह भले ही दुनिया का सबसे सुरक्षित देश नहीं हो, लेकिन हर पैमाने पर दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में से एक जरूर है। इसलिए, मुझे लगता है कि लोगों को भारत के बयान को ध्यान से पढ़ना चाहिए।’

Justin Trudeau: लेकिन शुक्रवार को कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय ने एक अलर्ट जारी किया। मंत्रालय ने कहा, ‘एक ऑनलाइन वीडियो प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें हिंदू कनाडाई लोगों को कनाडा छोड़ने के लिए कहा जा रहा है। यह वीडियो आपत्तिजनक और घृणित है। यह सभी कनाडाई लोगों और हमारे मूल्यों का अपमान है। हम सभी कनाडाई नागरिकों से एक-दूसरे का सम्मान करने और कानून का पालन करने का आग्रह करते हैं। कनाडाई नागरिक अपने समुदायों में सुरक्षित महसूस करने के हकदार हैं।’ यह वीडियो सिख फॉर जस्टिस (SFJ) समूह ने बनाया है। इस समूह के प्रवक्ता गुरपतवंत सिंह पन्नू ने वीडियो में कहा है कि कनाडा में रहने वाले हिंदुओं को कनाडा छोड़कर भारत जाना चाहिए।

Justin Trudeau: पन्नू ने सबसे पहले यह आरोप लगाया था कि 18 जून को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में गुरु नानक मंदिर के बाहर एसएफजे के प्रमुख नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे भारतीय एजेंट थे। यही आरोप कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सोमवार को कनाडा की संसद में लगाया। ट्रूडो ने कहा कि कनाडा की संप्रभुता और कनाडाई नागरिकों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।

Justin Trudeau: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आरोप को ‘बेतुका’ और ‘दुर्भावनापूर्ण’ बताया है। कनाडा में ट्रूडो की सरकार की लोकप्रियता लगातार कम हो रही है और ट्रूडो की अल्पसंख्यक सरकार जगमीत सिंह की नई डेमोक्रेटिक पार्टी पर निर्भर है। सिंह लंबे समय से खालिस्तानी साजिश के सिद्धांतों से जुड़े रहे हैं। ट्रूडो पिछले कुछ महीनों से कनाडा में बीजिंग के प्रभाव वाले एजेंटों के साथ अपने करीबी संबंधों के कारण भी जांच के दायरे में हैं। इन एजेंटों ने 2019 और 2021 के संघीय चुनावों में हस्तक्षेप करने की कोशिश की थी। लेकिन अब इन आरोपों से ध्यान हट गया है और इसके बजाय कथित भारतीय सरकारी ‘हत्यारों’ पर चर्चा हो रही है।

Justin Trudeau: अभी यह कहना मुश्किल है कि कनाडा के सहयोगी देश ट्रूडो के आरोपों को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं। भारत और कनाडा ने एक-दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है और कुछ नाटो देशों ने चिंता व्यक्त की है। लेकिन यह 2018 में रूस के खिलाफ ब्रिटेन के समर्थन जैसा मामला नहीं है। उस समय रूस पर आरोप लगाया गया था कि उसने इंग्लैंड में रूसी सरकार से असंतुष्ट सर्गेई स्क्रिपाल की हत्या करने की कोशिश की थी। तब अमेरिका और 30 यूरोपीय देशों ने 100 से अधिक रूसी राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था।

Justin Trudeau: ट्रूडो ने कहा है कि वह भारत के साथ तनाव बढ़ाना नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘हम केवल उन तथ्यों को सामने रख रहे हैं जो हमारी समझ में आ रहे हैं।’ लेकिन उन्होंने कोई तथ्य नहीं दिए हैं। उन्होंने केवल उन ‘आरोपों’ की ओर इशारा किया जिनके अनुसार कानून प्रवर्तन एजेंसियां भारतीय सरकारी एजेंटों और निज्जर की हत्या के बीच ‘संभावित संबंध’ की जांच कर रही हैं। ट्रूडो ने आरोपों को ‘विश्वसनीय’ बताया, लेकिन विदेश मामलों की मंत्री मेलानी जोली ने बाद में कहा कि अगर आरोप साबित होते हैं तो यह देश की संप्रभुता का ‘गंभीर उल्लंघन’ होगा।

Justin Trudeau: निज्जर और उनके समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू, दोनों के नाम भारतीय लॉ एन्फोर्समेंट एजेंसियों की तरफ से लगभग 30 आतंकवाद और विध्वंसक मामलों में दर्ज हैं। भारत का कहना है कि एसएफजे संगठन भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और कनाडा में भारतीय राजनयिकों के लिए गंभीर खतरा है और कनाडा इन पर कार्रवाई करने में विफल रहा है।

Justin Trudeau: इससे पहले, एसएफजे ने भारत के उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा और उनके कांसुल-जनरल के नामों और चेहरों के साथ ‘वांटेड’ पोस्टर की तरह के पम्फ्लेट बनाए थे। इन पोस्टरों में उन्हें निज्जर का हत्यारा बताया गया था। इस हफ्ते, एसएफजे ने इसी तरह के पोस्टर वितरित किए हैं, जिनमें राजनयिकों के घर के पते के लिए 10 हजार डॉलर का इनाम देने की बात कही गई है। एसएफजे का कहना है कि वह सोमवार को भारत के राजनयिक मिशनों को बंद करने की योजना बना रहा है।

Justin Trudeau: निज्जर की हत्या के बाद से उसका चेहरा नियमित रूप से एसएफजे के होर्डिंग और पर्चे पर 1985 के एयर इंडिया बमबारी के मास्टरमाइंड तलविंदर सिंह परमार के चेहरे के साथ दिखाई दिया है। एयर इंडिया बमबारी में 329 लोगों की जान चली गई थी। इस बमबारी की योजना कनाडा में आरसीएमपी और कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा की नाक के नीचे उन लोगों ने बनाई और उसे अंजाम तक पहुंचाया, जिन्हें कनाडा ने भारत को प्रत्यर्पित करने से इनकार कर दिया था।

Justin Trudeau: एयर इंडिया विमान बमबारी के सभी दोषी रिहा हो गए, सिवाय एक के, जिसका नाम इंदरजीत सिंह रेयात है। उसे 30 साल जेल में रहने के बाद 2016 में रिहा कर दिया गया था। एयर इंडिया विमान बमबारी के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक रिपुदमन सिंह मलिक था। वह कई उम्रदराज खालिस्तानी आतंकवादियों में से एक था, जिसने मोदी सरकार द्वारा शुरू किए गए एक मेल-मिलाप कार्यक्रम में भाग लिया था। ट्रूडो के 2015 में चुने जाने के कुछ समय बाद ही कनाडा में लिबरल सरकार ने इस कार्यक्रम को बंद करने में मदद की थी।

Justin Trudeau: मलिक को ‘भारतीय सरकार का एजेंट’ कहा जाता था, जिससे निज्जर के समर्थक नाराज थे। मलिक 2022 की गर्मियों में टार्गेटेड किलिंग का शिकार हो गया। सरे के सिख समुदाय को अच्छे से पता है कि मलिक को निज्जर गुट ने ही मारा। बाद में यह भी माना गया कि मलिक के सहयोगियों में से ‘भारतीय सरकारी एजेंटों’ ने बदले में निज्जर की हत्या करवाने का कॉन्ट्रैक्ट लिया।

Justin Trudeau: बात चाहे जो भी है, पिछले 40 वर्षों से भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा एवं खुफिया प्रतिष्ठान और उसके कनाडाई समकक्षों के बीच अविश्वास की एक विशाल खाई गहरी और चौड़ी होती गई है। यह खाई अब पूरे लोकतांत्रिक दुनिया में महत्वपूर्ण राजनयिक उपक्रमों को निगलने की धमकी दे रही है। और यह तो बस शुरुआत है।

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